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पुलिस और एसओजी की कार्रवाई, एक करोड़ रुपये कीमत की स्मैक बरामद; भारत-नेपाल सीमा में सप्लाई की थी तैयारी

चंपावत। उत्तराखंड के चंपावत जिले में पुलिस और एसओजी ने नशा तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो युवकों को 306 ग्राम स्मैक के साथ गिरफ्तार किया है।

बरामद स्मैक की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब एक करोड़ रुपये आंकी गई है। गिरफ्तार आरोपितों में एक युवक अग्निवीर भर्ती के बाद प्रशिक्षण ले रहा था, लेकिन बीमारी का बहाना बनाकर घर आने के बाद अपने दोस्त के साथ स्मैक तस्करी में शामिल हो गया।

पुलिस अधीक्षक रेखा यादव ने बताया कि टनकपुर क्षेत्र में सीओ निहारिका सेमवाल और एसओजी प्रभारी कमलेश भट्ट के नेतृत्व में मंगलवार को नशा तस्करों के खिलाफ विशेष चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान बाइक सवार दो युवकों की गतिविधियां संदिग्ध लगने पर उन्हें रोककर तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से 306 ग्राम स्मैक बरामद हुई।

गिरफ्तार आरोपितों की पहचान सुनील सिंह और गुरदीप सिंह निवासी बाजार घाट, थाना हजारा, जनपद पीलीभीत (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है। पूछताछ में दोनों ने बताया कि उन्होंने यह स्मैक पीलीभीत निवासी मनु सिंह से खरीदी थी और इसे भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में एक नेपाली तस्कर को बेचने के लिए ले जा रहे थे।

पुलिस ने दोनों आरोपितों के खिलाफ कोतवाली टनकपुर में एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर बुधवार को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

पूछताछ के दौरान सुनील सिंह ने पुलिस को बताया कि वह अग्निवीर भर्ती परीक्षा उत्तीर्ण कर प्रशिक्षण ले रहा था। कुछ दिन पहले उसने बीमारी का बहाना बनाकर प्रशिक्षण से छुट्टी ली और घर लौट आया। इसी दौरान वह अपने दोस्त गुरदीप के साथ मिलकर स्मैक तस्करी करने लगा। पुलिस अब दोनों का आपराधिक इतिहास खंगालने के लिए पीलीभीत पुलिस से भी संपर्क कर रही है।

एसपी रेखा यादव ने कहा कि जिले में नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अभियान लगातार जारी है। इस नेटवर्क से जुड़े अन्य तस्करों की तलाश की जा रही है और किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।

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