उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर राज्य अतिथि गृह में यूकेडी ने राज्य आंदोलनकारियों को याद किया,150 युवाओ ने यूकेडी की सदस्यता ग्रहण की। 

रिपोर्टर गुड्डू सिंह ठठोला

नैनीताल। उत्तराखंड राज्य स्थापना की रजत के अवसर पर आज नैनीताल के राज्य अतिथि गृह में उत्तराखंड क्रांतिदल ने राज्य आंदोलनकारियों को याद कर वीर शहीदों को नमन करते हुए पुष्पांजलि अर्पित की।

यूकेडी द्वारा रजत जयंती वर्ष पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान जनपद से आए लगभग 150 से अधिक युवाओं ने यूकेडी की सदस्यता ग्रहण की। 

   राज्य आंदोलनकारी व यूकेडी के पूर्व विधायक नारायण सिंह जंतवाल ने कहा राज्य बनने के 25 सालों बाद भी समस्याएं जस की तस है।

राज्य के 85 प्रतिशत भु भाग जो पहाड़ी क्षेत्र है वहा पर आज भी मूलभूत सुविधाओं का आभाव है। प्रदेश से आज भी पलायन बदस्तूर जारी है।

युवा नौकरी की तलाश में दर दर भटकने को मजबूर है। उन्होंने कहा 2027 में जन मुद्दों को लेकर यूकेडी मजबूती के साथ मैदान में उतरेगी और जीत का परचम लहराएगी।

  बड़ी शहादत के बाद उत्तराखंड राज्य का गठन हुआ लेकिन उत्तराखंड राज्य की पिचासी फीसदी भू भाग की पीड़ा कम नहीं हुई, जन सुविधावों को लेकर आज भी जनता आंदोलित है।

आज राज्य की अपनी विधान सभा है , इन पचीस वर्षो मैं राजधानी, मूल निवास, भू क़ानून, पलायन जैसे मुद्दों का हल नहीं हो सका है। राज्य मैं एक हाश्यस्पद स्तिथि उत्पन्न हो गई है।

सत्तापक्ष के विधायक जनता की समस्याओ के लिए सरकार के खिलाफ ही धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। राज्य विधान सभा मैं स्तरहीन बहस हो रही है, ये राज्य कुछ विधायक व नौकरसाहों के लिए नहीं बना बल्कि जनता के लिए बना है।

सरकार की गलत नीतिओं के खिलाफ आज नौजवान आंदोलित है। उत्तराखंड क्रांति दल प्रदेशवासिओ के साथ राज्य को बनाने के लिए बड़ा आंदोलन करेगा ताकि शहीदो के सपनों का राज्य बन सके।

पूर्व पालिकाध्यक्ष श्याम नारायण ने कहा राज्य की अस्मिता की रक्षा के लिए आज युवा पीड़ी को आगे आना चाहिए ताकि देव भूमि की पहचान संरक्षित हो सके।

कार्यक्रम को वरिष्ठ अधिवक्ता प्रकाश पांडे, प्रेम कुलियाल, रवि बोरा, मनोज सिंह बिष्ट, हेम चंद्र वारियल, मुकेश वर्मा, भुवन बिष्ट आदि ने सम्बोधित किया। कार्यक्रम मैं पूर्व बी डी सी सदस्य कोटाबाग व पूर्व छात्र संघ उपाध्यक्ष मनोज सिंह बिष्ट सहित पचास लोगों ने दल की सदयस्ता ग्रहण की। संचालन कमलेश चन्द्र पांडे ने किया।

कार्यक्रम मैं वरिष्ठ कार्यकर्ताओ को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के अंत मैं राज्य आंदोलन में शहीद आंदोलनकारिओ को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

 इस दौरान मदन सिंह बगड़वाल, हरीश अधिकारी,भावना नेगी, लीला बोरा, मनीष बिष्ट, सज़्ज़न शाह, प्रकाश आर्य, इन्दर सिंह नेगी, रवि बाल्मीकि, के एन सुयाल, कमल जोशी, पूर्व उप रजिस्ट्रार हाई कोर्ट रमेश चंद्र कांडपाल, संजय साह, ध्यान सिंह, ललित रजवार, उपेंद्र सिंह, कमल कुमार, विनोद, अबीर सिंह, भूपेंद्र सिंह, आशीष आदि उपस्थित थे।

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