रिपोर्टर बलवंत सिंह रावत 

रानीखेत। अंतरराष्ट्रीय छात्र दिवस की वास्तविक तिथि 17 नवंबर है, लेकिन इस वर्ष रविवार होने के कारण यह आयोजन एक दिन पूर्व, 16 नवंबर को आयोजित किया गया।

मुख्यमंत्री नवाचार योजना समिति के अंतर्गत राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय रानीखेत में इस अवसर पर ड्रीम्स डायरीज कार्यक्रम और खुले मंच का आयोजन किया गया। यह विशेष आयोजन डॉ. बर्खा रौतेला और उनकी समर्पित टीम द्वारा किया गया, जिसमें छात्रों को एक संवादात्मक और प्रेरणादायक माहौल प्रदान किया गया।रानीखेत : अंतरराष्ट्रीय छात्र दिवस पर जीपीजीसी रानीखेत में ‘ड्रीम्स डायरीज’ और खुले मंच का विशेष आयोजन

ड्रीम्स डायरीज कार्यक्रम में प्रधानाचार्य प्रो. पुष्पेश पांडे ने छात्रों के लिए सरकार और कॉलेज प्रशासन द्वारा पिछले दो वर्षों में उपलब्ध कराई गई सुविधाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने छात्रों को इनका भरपूर लाभ उठाने और अपने सपनों को साकार करने की प्रेरणा दी।

प्रख्यात शिक्षकों, जैसे प्रो. पी.एन. तिवारी, डॉ. दीपा पांडे, डॉ. रश्मि रौतेला, डॉ. निर्मला जोशी,डॉ. महिराज मेहरा, डॉ. निधि पांडे, डॉ. पंकज प्रियदर्शी, डॉ. हिमानी नेगी और डॉ. राहुल चंद्रा ने छात्रों को प्रेरक संदेश दिए।

वहीं, डॉ. सत्यमित्रा, डॉ. कुसुमलता, डॉ. बबीता, और नवाचार समिति की समन्वयक डॉ. बर्खा रौतेला ने सत्र आयोजित कर छात्रों को अपने लक्ष्यों पर केंद्रित रहने और अपने सपनों को पूरा करने की प्रेरणा दी।

डॉ. शंकर, डॉ. चंद्रशेखर पंत,डॉ. शीतल, डॉ. आशा और डॉ. प्रतीक ने भी इस कार्यक्रम में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। पूर्व छात्र संघ सदस्य प्रभात रावत, प्रदीप और ऋतिका आर्या सहित वर्तमान छात्रों, जैसे मनीष बिष्ट, राहुल बिष्ट, भारत जोशी, गौरव तिवारी, हर्षित नेगी, मानसी, रिंकू, हर्षित रौतेला, शिवानी फर्त्याल, नमन तिवारी, पारस बिष्ट और नेहा ने अपने उत्साह और विचारों से कार्यक्रम को यादगार बनाया।

खुले मंच का आयोजन: छात्रों से संवाद का अनोखा प्रयास
डॉ. बर्खा रौतेला और उनकी टीम ने पारंपरिक इनडोर कार्यक्रम की बजाय महाविद्यालय परिसर में खुले मंच का आयोजन किया। डॉ. सत्यमित्रा, डॉ. कुसुमलता, डॉ. नीमा और डॉ. बबीता कंडपाल ने छात्रों से घूम-घूमकर संवाद किया। छात्रों से उनके सपनों, मेहनत, और समाज के प्रति जिम्मेदारियों पर सवाल पूछे गए।

इस अवसर पर छात्रों ने कविताओं, गीतों, गिटार प्रदर्शन और प्रेरक विचारों के माध्यम से अपनी रचनात्मकता का परिचय दिया। इस खुले मंच ने अधिक से अधिक छात्रों को भाग लेने के लिए प्रेरित किया, जिससे हर छात्र अपनी बात खुलकर रख सका।

प्राचार्य प्रो. पुष्पेश पांडे ने इस अनोखे आयोजन की सराहना करते हुए छात्रों को मेहनत और उज्जवल भविष्य के लिए प्रतिबद्ध रहने का संदेश दिया।

यह संयुक्त कार्यक्रम छात्रों की रचनात्मकता, आत्म-अभिव्यक्ति और संवाद को प्रोत्साहित करने में सफल रहा और अंतरराष्ट्रीय छात्र दिवस 2024 को जीपीजीसी रानीखेत में यादगार बना दिया।

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