भीमताल। ओखलकांडा क्षेत्र में डिकरी देवी की उनके पति द्वारा कथित रूप से की गई निर्मम हत्या की घटना को राज्य आंदोलनकारी हरीश पनेरू ने बेहद दुखद और झकझोर देने वाली बताया है।
घटना के बाद हरीश पनेरू डिकरी देवी के घर पहुंचे और परिजनों से मुलाकात कर शोक संवेदना व्यक्त की।
उन्होंने मृतका के बच्चों से भी मुलाकात कर उनका हाल जाना और इस कठिन समय में उनके साथ खड़े रहने का भरोसा दिलाया।
हरीश पनेरू ने कहा कि डिकरी देवी के बच्चों की स्थिति बेहद चिंताजनक है। उन्होंने बताया कि बच्चों के पालन-पोषण में पड़ोस के लोग जिस तरह आगे आए हैं, वह सराहनीय है।
उन्होंने पड़ोसियों का आभार जताते हुए कहा कि संकट की इस घड़ी में बच्चों की जिम्मेदारी संभालना मानवीय संवेदना और सामाजिक जिम्मेदारी का उदाहरण है।
उन्होंने प्रशासन से मांग की कि डिकरी देवी के बच्चों की पढ़ाई-लिखाई, रहने और भविष्य की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि मां की मौत के बाद बच्चों का भविष्य प्रभावित न हो। उन्होंने कहा कि केवल संवेदना व्यक्त करने से काम नहीं चलेगा, बल्कि प्रशासन को बच्चों के संरक्षण और पुनर्वास के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।
शराब के खिलाफ आंदोलन में मातृशक्ति भी आगे आई
इस दौरान क्षेत्र की मातृशक्ति भी हरीश पनेरू के साथ आगे आई। महिलाओं ने शराब के बढ़ते प्रचलन और उससे परिवारों पर पड़ रहे दुष्प्रभावों के खिलाफ निर्णायक लड़ाई में सहयोग देने की सहमति जताई।
हरीश पनेरू ने कहा कि शराब की वजह से पहाड़ के कई परिवारों में कलह, आर्थिक संकट और हिंसा जैसी परिस्थितियां पैदा हो रही हैं। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि शराब के अवैध कारोबार और नशे के खिलाफ व्यापक जनजागरूकता अभियान के साथ बड़ा जनआंदोलन खड़ा किया जाए।
उन्होंने आरोप लगाया कि भीमताल विधानसभा क्षेत्र में शराब माफिया कथित तौर पर घर-घर शराब पहुंचा रहे हैं, जिसके कारण कई परिवारों में आए दिन लड़ाई-झगड़े और कलह की स्थिति पैदा हो रही है। उनका कहना है कि इसका सबसे अधिक असर महिलाओं और बच्चों पर पड़ रहा है और कई परिवार सामाजिक एवं आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं।
खनस्यु में शराब की दुकान और बार बंद करने की मांग
हरीश पनेरू ने प्रशासन से खनस्यु में संचालित शराब की दुकान और बार को बंद करने की मांग उठाई। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस मामले में जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो क्षेत्र की जनता और मातृशक्ति को साथ लेकर बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि शराब के अवैध कारोबार और नशे के खिलाफ उनकी लड़ाई जारी रहेगी। जल्द ही क्षेत्र की जनता और महिलाओं के साथ बैठक कर आंदोलन की रणनीति तैयार की जाएगी।
हरीश पनेरू ने कहा कि डिकरी देवी जैसी घटनाओं को केवल एक आपराधिक घटना मानकर छोड़ना पर्याप्त नहीं है। समाज को शराब और नशे के दुष्प्रभावों के खिलाफ सामूहिक रूप से आवाज उठानी होगी।
उन्होंने प्रशासन से शराब की अवैध बिक्री पर प्रभावी अंकुश लगाने, संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने तथा महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।










