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राजकीय महाविद्यालय कोटाबाग में देवभूमि उद्यमिता योजना के तहत एक दिवसीय अभिमुखीकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया

रिपोर्टर – नीरज तिवारी

कोटाबाग। उत्तराखंड राज्य सरकार के उच्च शिक्षा विभाग तथा भारतीय उद्यमिता विकास संस्थान (EDII), अहमदाबाद के संयुक्त तत्वावधान में संचालित ‘देवभूमि उद्यमिता योजना’ के अंतर्गत राजकीय महाविद्यालय कोटाबाग में एक दिवसीय अभिमुखीकरण (Orientation) कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में उद्यमिता के प्रति रुचि विकसित करने के साथ उन्हें स्वरोजगार, नवाचार और स्टार्टअप के क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों से परिचित कराना रहा।

कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञ वक्ताओं ने विद्यार्थियों को उद्यमिता के विभिन्न आयामों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में रोजगार प्राप्त करने के साथ-साथ रोजगार सृजित करने की दिशा में भी युवाओं को आगे बढ़ने की आवश्यकता है। विद्यार्थियों को व्यवसाय शुरू करने की प्रारंभिक प्रक्रिया, व्यवसायिक विचार को व्यावहारिक स्वरूप देने, बाजार की आवश्यकता को समझने तथा अपने उत्पाद एवं सेवाओं को प्रभावी ढंग से बाजार तक पहुंचाने के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।

विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं, स्वरोजगार के लिए उपलब्ध वित्तीय सहायता, ऋण सुविधाओं तथा उद्यम स्थापना से संबंधित प्रावधानों के बारे में भी अवगत कराया। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से युवाओं को उद्यम शुरू करने के लिए विभिन्न स्तरों पर सहायता उपलब्ध कराई जा रही है, ऐसे में विद्यार्थियों को इन योजनाओं की जानकारी लेकर उनका लाभ उठाना चाहिए।

कार्यक्रम में नवाचार और नए व्यावसायिक विचारों को व्यवसाय में बदलने पर विशेष जोर दिया गया। विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को समझाया कि किसी भी सफल उद्यम की शुरुआत एक छोटे से विचार से हो सकती है। यदि उस विचार का सही तरीके से परीक्षण, योजना, वित्तीय प्रबंधन और बाजार की जरूरतों के अनुरूप विकास किया जाए तो वह आगे चलकर एक सफल व्यवसाय का रूप ले सकता है।

इस दौरान विद्यार्थियों ने उद्यमिता, व्यवसाय शुरू करने के लिए पूंजी की व्यवस्था, सरकारी सहायता, बाजार की संभावनाओं और नए स्टार्टअप से जुड़े विभिन्न विषयों पर सवाल पूछे। विशेषज्ञ वक्ताओं ने विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए उन्हें अपने विचारों को केवल विचार तक सीमित न रखने, बल्कि उन्हें योजनाबद्ध तरीके से क्रियान्वित करने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम में विद्यार्थियों को यह संदेश दिया गया कि उत्तराखंड जैसे राज्य में स्थानीय संसाधनों, पारंपरिक उत्पादों, पर्यटन, कृषि, जैविक उत्पादों, हस्तशिल्प और सेवा क्षेत्र में उद्यमिता की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं। युवाओं की रचनात्मक सोच और तकनीकी ज्ञान के माध्यम से इन क्षेत्रों में नए रोजगार के अवसर पैदा किए जा सकते हैं।

महाविद्यालय स्तर पर आयोजित इस अभिमुखीकरण कार्यक्रम को विद्यार्थियों के लिए उद्यमिता की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना गया। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को नौकरी की तलाश करने के साथ-साथ स्वरोजगार और उद्यमिता को करियर के विकल्प के रूप में अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने उद्यमिता एवं स्वरोजगार से संबंधित जानकारी को उपयोगी बताते हुए इसमें रुचि व्यक्त की।

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