जिला पंचायत कार्यालय के औचक निरीक्षण में विभिन्न अनियमितताएं सामने आईं, जांच के निर्देश
नक्शा प्रकरणों में मिली कमियां, जेई समेत तीन कार्मिकों को जांच पूरी होने तक अन्य कार्यालय से संबद्ध करने के निर्देश; बाहर रखी 50-55 पत्रावलियों पर भी गंभीरता
नैनीताल। जिलाधिकारी के निर्देश पर मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) अरविंद कुमार पाण्डेय ने गुरुवार को जिला पंचायत कार्यालय, नैनीताल का स्थलीय एवं औचक निरीक्षण किया। करीब दो घंटे चले निरीक्षण में कार्यालय की कार्यप्रणाली, अभिलेखों के रखरखाव, विकास योजनाओं, वित्तीय प्रकरणों, नक्शा पास करने की प्रक्रिया, कर वसूली, परिसंपत्तियों और कर्मचारियों की उपस्थिति समेत विभिन्न व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की गई। निरीक्षण के दौरान कई बिंदुओं पर कमियां सामने आने पर सीडीओ ने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आवश्यक सुधार और जांच के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान अर्थ एवं संख्या अधिकारी डॉ. मुकेश नेगी सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। सीडीओ ने केन्द्र एवं राज्य पोषित योजनाओं तथा 15वें वित्त आयोग से प्राप्त धनराशि के उपयोग की स्थिति की समीक्षा की। समीक्षा में धनराशि के अपेक्षित उपयोग की स्थिति संतोषजनक नहीं पाई गई। वित्तीय वर्ष 2021-22 से विभिन्न मदों में प्राप्त करीब 17 से 18 करोड़ रुपये की धनराशि के उपयोग की स्थिति की जानकारी ली गई।
इसके अलावा जिला योजना, सांसद निधि और विधायक निधि से प्राप्त धनराशि तथा उसके सापेक्ष किए गए कार्यों और खर्च का विस्तृत विवरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। सीडीओ ने कहा कि स्वीकृत योजनाओं के प्रस्ताव, उनका समयबद्ध क्रियान्वयन और धनराशि का नियमानुसार उपयोग सुनिश्चित किया जाना जरूरी है।
नक्शा पास करने की प्रक्रिया में मिली कमियां, जांच के निर्देश
जिला पंचायत कार्यालय में भवन निर्माण एवं नक्शा पास करने से संबंधित अभिलेखों की जांच के दौरान कुछ प्रकरणों में आवश्यक तिथियां, हस्ताक्षर, शुल्क जमा होने संबंधी अभिलेख और रसीद आदि में कमियां सामने आईं। सीडीओ ने इन सभी प्रकरणों की विस्तृत जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
नक्शा प्रकरणों की जांच पूरी होने तक जेई समेत संबंधित तीन कार्मिकों को जिला पंचायत कार्यालय से अन्य कार्यालय में संबद्ध करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए जिलाधिकारी से आवश्यक अनुमति प्राप्त कर नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
डिस्पैच रजिस्टर में निरीक्षण के दौरान ही प्रविष्टियां होने पर जताई नाराजगी
निरीक्षण के दौरान कार्यालय के डिस्पैच रजिस्टर में भी अनियमितता सामने आने की जानकारी मिली। टीम द्वारा निरीक्षण किए जाने के दौरान ही रजिस्टर में प्रविष्टियां किए जाने पर मुख्य विकास अधिकारी ने नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित मामले की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
वहीं, कनिष्ठ और वरिष्ठ अभियंताओं से संबंधित करीब 50 से 55 पत्रावलियां कार्यालय से बाहर हल्द्वानी स्थित आवास पर रखे जाने की जानकारी सामने आने पर भी सीडीओ ने गंभीर संज्ञान लिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के बिना सरकारी पत्रावलियों को कार्यालय से बाहर रखना उचित नहीं है। प्रकरण को जिलाधिकारी के संज्ञान में लाते हुए नियमानुसार जांच और कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए गए।
अधिकारियों-कर्मचारियों की उपस्थिति की भी होगी समीक्षा
निरीक्षण के दौरान कुछ अधिकारियों एवं कर्मचारियों के कार्यालय में अनुपस्थित रहने तथा लंबे समय तक कार्यालय में उपस्थित नहीं होने संबंधी शिकायत एवं जानकारी भी सामने आई। मुख्य प्रशासनिक अधिकारी द्वारा वर्ष 2026 में कर्मचारियों द्वारा लिए गए आकस्मिक अवकाश (सीएल) से संबंधित अभिलेखों की भी समीक्षा की गई।
सीडीओ ने कर्मचारियों की उपस्थिति और अवकाश प्रकरणों का नियमानुसार परीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्यालय में कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए बायोमेट्रिक उपस्थिति व्यवस्था का भी पुनरीक्षण किया जाएगा। अनधिकृत अनुपस्थिति पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
कर वसूली में तेजी लाने के निर्देश
जिला पंचायत की कर वसूली की स्थिति की समीक्षा के दौरान अपेक्षित प्रगति नहीं पाए जाने तथा संबंधित रिपोर्ट समय पर उपलब्ध नहीं कराए जाने का मामला भी सामने आया। सीडीओ ने टैक्स कलेक्शन की नियमित समीक्षा करने और लंबित कर की वसूली के लिए प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों से कर वसूली की अद्यतन स्थिति और लंबित मामलों की जानकारी भी उपलब्ध कराने को कहा।
पुरानी लीज और जिला पंचायत की परिसंपत्तियों का होगा अद्यतन रिकॉर्ड
निरीक्षण में जिला पंचायत की परिसंपत्तियों से संबंधित अभिलेखों की भी जांच की गई। वर्ष 1955-56 से चली आ रही कुछ लीज के नवीनीकरण और उनकी वर्तमान स्थिति की जानकारी ली गई। सीडीओ ने जिला पंचायत की सभी परिसंपत्तियों का अद्यतन विवरण तैयार करने और लीज से संबंधित मामलों में नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
अवैध निर्माण और बिना पंजीकरण होम स्टे पर कार्रवाई के निर्देश
जिला पंचायत क्षेत्र में अवैध निर्माण तथा बिना पंजीकरण संचालित होम स्टे के मामलों की भी समीक्षा की गई। सीडीओ ने संबंधित अधिकारियों को ऐसे मामलों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
इसके साथ ही कार्यालय क्षेत्र में कूड़ा निस्तारण, सड़कों की स्थिति, गड्ढों को भरने और विभिन्न निर्माण कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। उपनल के माध्यम से कार्यरत कर्मचारियों की भूमिका और आवश्यकता का परीक्षण कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
सभी बिंदुओं पर रिपोर्ट तैयार कर डीएम को भेजी जाएगी
सीडीओ ने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निरीक्षण में सामने आए सभी बिंदुओं, लंबित प्रकरणों, वित्तीय स्थिति, योजनाओं की प्रगति और कार्यालयीय व्यवस्थाओं की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर निर्धारित समय में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि निरीक्षण के दौरान सामने आए सभी मामलों की समग्र रिपोर्ट जिलाधिकारी को प्रेषित की जाएगी। सीडीओ ने स्पष्ट किया कि सामने आए बिंदुओं की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जाएगी। जांच में जो तथ्य और जिम्मेदारी सामने आएगी, उसके आधार पर संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को कार्यालयीय कार्यप्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्धता बनाए रखने के निर्देश भी दिए।
निरीक्षण के दौरान अर्थ एवं संख्या अधिकारी डॉ. मुकेश नेगी, पटवारी भीमताल हेम जोशी सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।





































