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NMOPS के मुख्यमंत्री आवास घेराव एवं महारैली में नैनीताल जिले से बड़ी संख्या में शिक्षकों ने लिया हिस्सा

देहरादून। नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम (NMOPS) के तत्वावधान में पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली तथा शिक्षकों के लिए टीईटी की अनिवार्यता को भूतलक्षी प्रभाव से समाप्त किए जाने की मांग को लेकर देहरादून में मुख्यमंत्री आवास घेराव एवं महारैली का आयोजन किया गया।

प्रदेशभर से पहुंचे शिक्षकों और कर्मचारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में जोरदार प्रदर्शन करते हुए सरकार से पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने की मांग उठाई।

महारैली में जनपद नैनीताल से जिला संयुक्त मंत्री गिरीश कांडपाल के नेतृत्व में बड़ी संख्या में शिक्षकों ने प्रतिभाग किया।

इसमें पूर्व जिलाध्यक्ष नैनीताल डॉ. विवेक पाण्डेय, पूर्व जिला संयुक्त मंत्री त्रिलोक बृजवासी, माध्यमिक शिक्षक संघ के पूर्व जिलामंत्री नैनीताल कृष्ण चंद्र फुलेरा, राजकीय शिक्षक संघ ब्लॉक रामनगर के कार्यकारी उपाध्यक्ष अजीम सैफी, नवेंदु मठपाल, नरेंद्र पटवाल, जमुना पटवाल, अनिल कड़ाकोटी सहित अनेक शिक्षक शामिल रहे।

नैनीताल जनपद से आंदोलन का नेतृत्व NMOPS की जिलाध्यक्ष मीनाक्षी कीर्ति एवं जिला मंत्री मदन बर्त्वाल ने किया। दोनों पदाधिकारियों ने कहा कि पुरानी पेंशन कर्मचारियों के भविष्य की सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। लंबे समय से कर्मचारी पुरानी पेंशन व्यवस्था की बहाली की मांग को लेकर आंदोलनरत हैं और सरकार को उनकी मांग पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।

TET की अनिवार्यता को लेकर भी जताया विरोध

महारैली के दौरान शिक्षकों ने टीईटी की अनिवार्यता का भी विरोध किया। शिक्षकों का कहना है कि कार्यरत शिक्षकों के लिए टीईटी की अनिवार्यता को भूतलक्षी प्रभाव से लागू करना उचित नहीं है। उन्होंने मांग की कि पहले से सेवा में कार्यरत शिक्षकों के हितों और उनकी नियुक्ति के समय लागू नियमों को ध्यान में रखते हुए इस व्यवस्था पर पुनर्विचार किया जाए।

आंदोलनकारियों ने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली और टीईटी की अनिवार्यता को भूतलक्षी प्रभाव से समाप्त करने की मांग केवल किसी एक वर्ग की मांग नहीं है, बल्कि यह कर्मचारियों के भविष्य, सेवा सुरक्षा और सम्मान से जुड़ा विषय है।

आंदोलन को और व्यापक करने की चेतावनी

महारैली में वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार द्वारा उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। पदाधिकारियों ने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली और टीईटी की अनिवार्यता को भूतलक्षी प्रभाव से समाप्त कराने के लिए शिक्षक एवं कर्मचारी किसी भी स्तर तक आंदोलन करने को तैयार हैं।

आंदोलनकारियों ने सरकार से मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपील करते हुए कहा कि कर्मचारियों की जायज मांगों का समाधान संवाद के माध्यम से किया जाना चाहिए। देहरादून में आयोजित महारैली में नैनीताल जनपद के शिक्षकों की भागीदारी ने आंदोलन को मजबूती प्रदान की।

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