कालाढूंगी-बाजपुर हाईवे हादसा। गाजियाबाद से पति, भाई और बच्चों के साथ नैनीताल की यात्रा पर निकली ज्योति को यह नहीं पता था कि यह यात्रा उसके परिवार के लिए सबसे दुखदायी साबित होगी। हंसते-गाते नैनीताल के लिए निकले इस परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।

सड़क दुर्घटना में पहले पति प्रदीप और भाई राहुल को खो दिया, फिर उपचार के दौरान उसकी दोनों बेटियों ने भी दम तोड़ दिया। ज्योति स्वयं जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही हैं।

28 वर्षीय प्रदीप यादव, पत्नी ज्योति, तीन वर्षीय अनन्या उर्फ परी, डेढ़ वर्षीय किट्टू, और साला राहुल यादव सहित सात लोग शुक्रवार की तड़के गाजियाबाद से नैनीताल के लिए निकले थे।

बताया जा रहा है कि वे बाजपुर से कालाढूंगी होते हुए नैनीताल जा रहे थे। इसी बीच गणप्पू जंगल रेंज में उनकी कार अनियंत्रित होकर एक पेड़ से टकरा गई।

टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार में सवार लोग अंदर ही फंस गए। घायलों को उप जिला चिकित्सालय ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने प्रदीप और राहुल को मृत घोषित कर दिया।

अनन्या, किट्टू, ज्योति, दीपांशु और विवेक को काशीपुर के केवीआर अस्पताल में भर्ती कराया गया।

उपचार के दौरान किट्टू और अनन्या ने भी दम तोड़ दिया। ज्योति का आपरेशन हुआ है, जबकि विवेक और दीपांशु गंभीर रूप से घायल हैं।

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