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बजून और मंगोली के बाद मातृशक्तियो ने घटगड़ में शराब की दुकान को लेकर धरना प्रदर्शन किया 

रिपोर्टर गुडडू सिंह ठठोला 

नैनीताल। घटगढ़ क्षेत्र में शराब की दुकान खोले जाने की तैयारी के विरोध में महिलाओं का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। बड़ी संख्या में महिलाओं ने एकत्र होकर पोस्टर-बैनर के साथ धरना-प्रदर्शन किया और प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की।

इससे पहले मंगोली और बजून क्षेत्रों में भी इसी मुद्दे को लेकर महिलाओं ने लंबा आंदोलन किया था, जिससे पूरे इलाके में आक्रोश का माहौल बना हुआ है।

धरने पर बैठी महिलाओं का आरोप है कि प्रशासन द्वारा घटगढ़ में शराब की दुकान खोलने की तैयारी की जा रही है, जिससे क्षेत्र का माहौल बिगड़ सकता है। उन्होंने “मधुशाला नहीं पाठशाला चाहिए, शराब नहीं रोजगार चाहिए” जैसे नारों के साथ विरोध जताते हुए चेतावनी दी कि यदि दुकान खोली गई तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा।

न्याय पंचायत खुर्पाताल के नलनी और घटगढ़ गांव में दुकान खोलने को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि कालाढूंगी रोड स्थित घटगढ़ के पास रातों-रात दुकान खोलने का काम शुरू कर दिया गया, जिससे लोगों में नाराजगी फैल गई। सूचना मिलते ही महिलाएं सड़क पर उतर आईं और काम रुकवाते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया।

महिलाओं ने बताया कि मंगोली और बजून में हुए पूर्व विरोध के दौरान प्रशासन ने लिखित आश्वासन दिया था कि वहां शराब की दुकान नहीं खोली जाएगी, लेकिन अब उसे घटगढ़ स्थानांतरित करने का निर्णय लिया गया है, जिससे ग्रामीणों में रोष और बढ़ गया है।

प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि दुकान निर्माण से जुड़े व्यक्ति ने महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार किया और अपशब्द कहे, जिससे माहौल और तनावपूर्ण हो गया।

इस विरोध में स्कूल और कॉलेज के छात्र भी शामिल हुए। छात्रों ने कहा कि जिस रास्ते से वे रोज गुजरते हैं, वहां शराब की दुकान खुलने से उनकी सुरक्षा को खतरा होगा और शराबियों की आवाजाही बढ़ेगी।

गांव की महिलाओं ने साफ चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने उनकी मांगों को नजरअंदाज किया तो वे चक्का जाम से लेकर उग्र आंदोलन तक करेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि यह लड़ाई गांव की सुरक्षा, सम्मान और बच्चों के भविष्य के लिए है, इसलिए वे पीछे नहीं हटेंगी।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि नलनी और घटगढ़ में शराब की दुकान न खोलने का तत्काल लिखित आश्वासन दिया जाए। जब तक यह आश्वासन नहीं मिलता, उनका विरोध जारी रहेगा।

इस दौरान क्षेत्र के कई ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और महिलाएं बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

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