अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज में रैगिंग पर सख्त कार्रवाई: 4 सीनियर छात्रों पर ₹25 हजार जुर्माना, 2 छह माह के लिए प्रतिबंधित

अल्मोड़ा। एसएसजे राजकीय आयुर्विज्ञान एवं शोध संस्थान (मेडिकल कॉलेज) अल्मोड़ा में रैगिंग का मामला सामने आने के बाद कॉलेज प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए दोषी सीनियर छात्रों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है।

एमबीबीएस के जूनियर छात्र-छात्राओं के साथ रैगिंग करने के आरोप में चार सीनियर छात्रों पर 25 हजार रुपये का आर्थिक जुर्माना लगाया गया है, जबकि दो अन्य सीनियर छात्रों को आगामी छह माह तक मेडिकल कॉलेज में होने वाली सभी शैक्षणिक एवं गैर-शैक्षणिक गतिविधियों से प्रतिबंधित कर दिया गया है।

यह मामला वर्ष 2024 और 2025 बैच के एमबीबीएस सीनियर और जूनियर छात्रों से जुड़ा है। जूनियर छात्र-छात्राओं ने कॉलेज के प्राचार्य को लिखित शिकायत सौंपते हुए आरोप लगाया था कि कुछ सीनियर छात्रों ने उन्हें अपने कमरों में बुलाकर जबरन अतिरिक्त सह-शैक्षणिक गतिविधियां करने के लिए बाध्य किया।

जूनियर छात्रों का आरोप है कि इस दौरान उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया, जिससे वे खुद को बेहद आहत और असहज महसूस कर रहे थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए मंगलवार को मेडिकल कॉलेज में एंटी रैगिंग कमेटी की आपात बैठक बुलाई गई।

बैठक में शिकायतों, छात्रों के बयान और उपलब्ध तथ्यों की गहन समीक्षा के बाद दोषी पाए गए सीनियर छात्रों के खिलाफ कार्रवाई का निर्णय लिया गया। कॉलेज प्रशासन के अनुसार, जिन चार सीनियर छात्रों के कमरों में यह घटनाक्रम हुआ था, उन पर यूजीसी और नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) की गाइडलाइंस के तहत 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।

वहीं, दो अन्य सीनियर छात्रों पर जूनियर छात्रों से अपने विषय से संबंधित कार्य कराने का दबाव बनाने का आरोप सिद्ध होने पर उन्हें छह माह तक कॉलेज की सभी गतिविधियों से दूर रखने के आदेश जारी किए गए हैं।

कॉलेज प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि रैगिंग के मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और भविष्य में भी ऐसे मामलों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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