डीए समेत 10 सूत्रीय मांगों को लेकर चल रहा था आंदोलन, कारण बताओ नोटिस जारी होने के बाद बिगड़े हालात; मेडिकल जांच में मिले चोट और सूजन के निशान

हरिद्वार। गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय में शनिवार को कर्मचारियों के आंदोलन ने हिंसक रूप ले लिया। विश्वविद्यालय के कार्यवाहक कुलसचिव प्रो. सत्यदेव निगमालंकार के साथ कर्मचारियों ने मारपीट कर दी। आरोप है कि कर्मचारियों ने उन्हें जमीन पर गिराकर पीटा। घटना के बाद विश्वविद्यालय परिसर में हंगामा मच गया। पुलिस ने मामले में वायरल वीडियो के आधार पर कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष रजनीश भारद्वाज, महामंत्री नरेंद्र मलिक, उमाशंकर और ओमवीर को गिरफ्तार कर लिया है।

मारपीट की घटना के बाद कार्यवाहक कुलसचिव को मेडिकल परीक्षण के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया। जांच में उनके शरीर पर चोट और सूजन के निशान मिले हैं। वहीं, उनके परिजन अपने स्तर से उनका उपचार करा रहे हैं।

विश्वविद्यालय के शिक्षकेत्तर कर्मचारी अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर जुलाई से आंदोलन कर रहे थे। शुक्रवार को विश्वविद्यालय प्रशासन और कर्मचारी यूनियन के बीच कई घंटे तक वार्ता चली। वार्ता में कई मांगों पर सहमति बनने के बाद कर्मचारियों ने आंदोलन स्थगित करने पर सहमति जताई थी।

कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष रजनीश भारद्वाज और महामंत्री नरेंद्र मलिक के अनुसार, देर रात कार्यवाहक कुलसचिव की ओर से उनके खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी कर दिए गए। इससे कर्मचारियों में नाराजगी फैल गई।

आरोप है कि शनिवार सुबह कुलपति कार्यालय के बाहर कर्मचारियों ने कार्यवाहक कुलसचिव प्रो. सत्यदेव निगमालंकार के साथ मारपीट की। इस दौरान उन्हें जमीन पर गिराकर पीटा गया। घटना का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार कर्मचारियों को गिरफ्तार कर लिया।

कनखल थाना के एसएसआई अनुज कुमार ने बताया कि वायरल वीडियो के आधार पर चार कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. प्रतिभा मेहता लूथरा ने बताया कि कार्यवाहक कुलसचिव प्रो. सत्यदेव निगमालंकार के साथ कर्मचारी यूनियन के पदाधिकारियों की ओर से मारपीट किए जाने की जानकारी मिली है। घटना के समय वह मौके पर मौजूद नहीं थीं। उन्होंने बताया कि मामले में जानकारी जुटाई जा रही है।

घटना के बाद कुलपति अपनी गाड़ी से कार्यवाहक कुलसचिव को मेडिकल परीक्षण के लिए अस्पताल लेकर गईं। जिला अस्पताल के पीएमएस राजेश गुप्ता ने बताया कि विश्वविद्यालय के कुलसचिव को उनके परिजन मेडिकल परीक्षण के लिए लेकर पहुंचे थे। जांच में उनके शरीर पर चोट और सूजन के निशान मिले हैं।

डीए समेत 10 सूत्रीय मांगों को लेकर जुलाई से चल रहा था आंदोलन

गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय में कर्मचारियों और प्रशासन के बीच विवाद लंबे समय से चल रहा था। शिक्षकेत्तर कर्मचारी यूनियन 10 सूत्रीय मांगों को लेकर जुलाई से विश्वविद्यालय प्रशासन के चक्कर काट रही थी। मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं होने पर कर्मचारियों ने 17 अक्तूबर से केंद्रीय कार्यालय परिसर में क्रमिक धरना शुरू कर दिया था। आंदोलन को सफाई मजदूर संघ ने भी समर्थन दिया था।

यूनियन की प्रमुख मांगों में शिक्षकों की तरह शिक्षकेत्तर कर्मचारियों की पदोन्नति, लंबित एमएसीपी का लाभ, पांच दिवसीय कार्यदिवस लागू करना, मनमाने तबादले वापस लेना और चिकित्सा प्रतिपूर्ति की पुरानी व्यवस्था बहाल करना शामिल था।

इसके अलावा रिक्त पदों को भरने, स्टाफ वार्ड व्यवस्था लागू करने, स्थानांतरित कर्मचारियों को नियमानुसार भत्ते देने और जनवरी 2026 से लंबित महंगाई भत्ता जारी करने की मांग भी उठाई जा रही थी।

यूनियन ने 11 जुलाई को मांगपत्र सौंपा था। इसके बाद 15 अक्तूबर को आमसभा कर प्रशासन को चेतावनी दी गई थी। 13 अक्तूबर को भी प्रशासन और कर्मचारियों के बीच वार्ता हुई थी, लेकिन वह बेनतीजा रही थी।

63 वर्षीय कुलसचिव के साथ मारपीट से उठे सवाल

कार्यवाहक कुलसचिव प्रो. सत्यदेव निगमालंकार की उम्र 63 वर्ष है। विश्वविद्यालय जैसे शैक्षणिक संस्थान में वरिष्ठ अधिकारी के साथ मारपीट की घटना ने कर्मचारियों के आंदोलन के तरीके पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

घटना के बाद विश्वविद्यालय परिसर में दिनभर माहौल गर्म रहा। कर्मचारियों की मांगों को लेकर चल रहा विवाद अब मारपीट और गिरफ्तारी तक पहुंच गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

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