CAA के तहत उत्तराखंड में 153 शरणार्थियों को मिली भारतीय नागरिकता, 7 मार्च को होगा सम्मान
देहरादून। नागरिकता (संशोधन) अधिनियम (CAA) के तहत बड़ी कार्रवाई पूरी हो गई है। राज्य में रह रहे 153 हिंदू शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता प्रदान कर दी गई है, जिसके बाद अब उन्हें आधिकारिक रूप से भारतीय नागरिक माना जाएगा।
केंद्रीय गृह मंत्रालय और राज्य के गृह विभाग द्वारा विस्तृत जांच के बाद पाकिस्तान से आए 147 और अफगानिस्तान से आए 6 लोगों के आवेदन स्वीकृत किए गए। वहीं अभी भी 45 आवेदन केंद्र सरकार के पास लंबित हैं, जिनमें पाकिस्तान के 42 और बांग्लादेश के 3 आवेदन शामिल हैं।
गौरतलब है कि नागरिकता (संशोधन) अधिनियम को वर्ष 2019 में लागू किया गया था। यह अधिनियम नागरिकता अधिनियम 1955 में संशोधन कर लाया गया, जिसे संसद से पारित होने के बाद राष्ट्रपति की मंजूरी मिली थी।
इस कानून के तहत 31 दिसंबर 2014 से पहले भारत में शरण लेने वाले हिंदू, सिख, जैन, बौद्ध, पारसी और ईसाई समुदाय के लोगों को नागरिकता देने का प्रावधान है। इसके बाद उत्तराखंड में रह रहे पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आए लोगों ने नागरिकता के लिए आवेदन किया था।
जानकारी के अनुसार, कुल 198 लोगों का पंजीकरण नागरिकता के लिए किया गया था, जिनमें से अधिकांश आवेदक पाकिस्तान के सिंध और बलूचिस्तान क्षेत्र से हैं। ये लोग वर्तमान में देहरादून, ऋषिकेश, हरिद्वार और उधम सिंह नगर में निवास कर रहे हैं।
इस बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 7 मार्च को हरिद्वार दौरे पर आ रहे हैं। इस अवसर पर इन नव-नागरिकों को सम्मानित करने की तैयारी भी की जा रही है। संबंधित लोगों को कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया जा रहा है।

