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अपराध समीक्षा बैठक में सभी एसएसपी-एसपी को सख्त निर्देश, साइबर अपराध और नशा तस्करी पर विशेष फोकस

हल्द्वानी। कुमाऊँ परिक्षेत्र की पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) निवेदिता कुकरेती ने मंगलवार को मंडल के सभी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों (एसएसपी) और पुलिस अधीक्षकों (एसपी) के साथ अपराध समीक्षा बैठक कर कानून व्यवस्था की स्थिति का विस्तृत जायजा लिया। बैठक में अपराध नियंत्रण, लंबित विवेचनाओं के निस्तारण, महिला सुरक्षा, साइबर अपराधों की रोकथाम तथा नशा तस्करी के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए।

आईजी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि एक वर्ष से अधिक समय से लंबित सभी विवेचनाओं का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि लंबित मामलों के कारण पीड़ितों को न्याय मिलने में देरी होती है, इसलिए ऐसे प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए। साथ ही सभी जनपदों की पुलिस को अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण रखने तथा कानून व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के लिए सक्रिय पुलिसिंग अपनाने के निर्देश दिए।

बैठक के दौरान महिला अपराधों को गंभीरता से लेते हुए आईजी ने कहा कि महिलाओं से संबंधित मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने सभी जिलों के पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया कि महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता के साथ कार्य करते हुए आरोपियों के खिलाफ शीघ्र कानूनी कार्रवाई की जाए।

कुमाऊँ मंडल में लगातार बढ़ रहे साइबर अपराधों पर चिंता व्यक्त करते हुए आईजी कुकरेती ने साइबर ठगी के मामलों में त्वरित कार्रवाई और पीड़ितों की धनराशि की रिकवरी पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि साइबर अपराधियों के खिलाफ तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर प्रभावी कार्रवाई की जाए तथा जनता को जागरूक करने के लिए अभियान भी चलाए जाएं।

आईजी ने पूर्व में हुई चोरी, नकबजनी और अन्य संपत्ति संबंधी अपराधों के शीघ्र खुलासे के लिए विशेष पुलिस टीमें गठित कर सक्रिय कार्रवाई करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि लंबित चोरी की घटनाओं का जल्द से जल्द खुलासा कर अपराधियों को गिरफ्तार किया जाए, जिससे आमजन में पुलिस के प्रति विश्वास और मजबूत हो सके।

बैठक में नशे के बढ़ते कारोबार को लेकर भी व्यापक चर्चा हुई। आईजी ने कहा कि नशा तस्करी के खिलाफ सभी जिलों की पुलिस आपसी समन्वय और सूचनाओं के आदान-प्रदान के माध्यम से संयुक्त कार्रवाई करे। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे के दलदल से बचाने के लिए नशा तस्करों के खिलाफ कठोर कदम उठाना समय की आवश्यकता है।

आईजी ने बताया कि एनडीपीएस (NDPS) अधिनियम के तहत चलाए जा रहे विशेष अभियान के अंतर्गत अब तक 382 मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं, जबकि 519 नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। इसके अलावा नशे के अवैध कारोबार में संलिप्त 12 आरोपियों के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की गई है।

बैठक के अंत में आईजी ने सभी पुलिस अधिकारियों को अपराध नियंत्रण, कानून व्यवस्था बनाए रखने तथा जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और जनता के प्रति संवेदनशील व्यवहार ही पुलिस की प्राथमिकता होनी चाहिए।

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