ताड़ीखेत ब्लॉक प्रमुख की अध्यक्षता मे विकासखण्ड ताड़ीखेत के सभागार मे समस्त ग्राम प्रधानों के साथ एक बैठक आहूत की गई।
रिपोर्ट- बलवन्त सिंह रावत
रानीखेत। विकासखण्ड ताड़ीखेत के सभागार मे ब्लॉक प्रमुख की अध्यक्षता मे समस्त ग्राम प्रधानगणों के साथ एक बैठक आहूत की गई। जिसमे दुग्ध विभाग व कृषि विभाग के अधिकारिओ के साथ बैठक कर विभाग द्वारा चलाई जा रही योजनाओ के बारे मे विस्तार से वार्ता की गई।
वही ग्राम प्रधान संगठन के चुनावों के बारे मे भी विस्तार से चर्चा की गई। वही ग्राम प्रधान संगठन के अध्यक्ष के लिए 6 उम्मीदवारों ने अपने विचार सभी उपस्थित ग्राम प्रधानों के सम्मुख रखे। जिसके बाद सभी ग्राम प्रधानो ने सुझाव रखे।
जिसमे मुख्य सुझाव यह था कि सभी ग्राम विकास अधिकारियो को कम से कम दो दिन अपनी न्याय पंचायत मे उपस्थित रहना चाहिये। जिससे ग्रामीणों की समस्याओ का समाधान उसी न्याय पंचायत मे हो जाए।
खण्ड विकास अधिकारी ने बताया कि विकासखंड स्तर पर ग्राम प्रधानों द्वारा एक बैठक का आयोजन किया गया।
यह बैठक प्रमुख जी ने बुलाई थी क्योंकि काफी समय से ग्राम प्रधान अपनी समस्याएं उनके सामने रखना चाह रहे थे, साथ ही वे सभी ग्राम प्रधान और ग्राम विकास अधिकारियों से परिचित हो जाए। हमारा यही प्रयास है कि जो समस्याएं रखी जाती हैं, उनका त्वरित निदान किया जाए।
उसके लिए हमारा पूरा सहयोग रहेगा। जन प्रतिनिधि और कर्मचारी आपस में सहयोग करेंगे तो काम की गुणवत्ता भी अच्छी रहेगी, और विकासखंड की भी प्रगति होगी।
इसी क्रम में एक मुद्दा ये भी आया था कि ग्राम प्रधान संगठन का चुनाव कराया जाए, हालांकि ये उनका व्यक्तिगत मामला है कि वो संगठन चुनाव कब करते हैं और पदों पर किसे चयनित करते हैं।
इसके अतिरिक्त मनरेगा की कठिनाइयों पर भी ग्राम प्रधानों ने अपना पक्ष रखा, जिसमें उन्होंने मजदूरी की दर बहुत कम होने, जो टैग में दिक्कतें और जो बजट अलॉट हुआ है, वह खर्च नहीं हो पा रहा है। वही ग्राम प्रधानों ने मानदेय बढ़ाने की भी मांग रखी। इसके साथ ही माननीय प्रमुख जी ने भी निर्देश दिए कि कर्मचारी सामंजस्य बनाकर जन प्रतिनिधियों के साथ काम करें।
इस अवसर पर ब्लॉक प्रमुख बबली मेहरा, कनिष्ठ प्रमुख जीवन चन्द्र, खण्ड विकास अधिकारी तारा चंद, ज्येष्ठ प्रमुख प्रतिनिधि मंजीत भगत, समस्त ग्राम विकास अधिकारी सहित सभी ग्राम प्रधान उपस्थित रहे।

