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हल्द्वानी । पहाड़ी आर्मी की मासिक बैठक नैनीताल रोड स्थित कार्यालय में हुई जिसमें कई महत्वपूर्ण बिन्दुओ पर चर्चा हुई पहाड़ी आर्मी के संस्थापक अध्यक्ष हरीश रावत ने कहा है कि प्रदेश में पहाड़ी पहाड़ियों की स्थिति बत्तर होते जा रही है।

सरकारी नौकरियों में मूल निवास प्रमाण पत्र की बाध्यता ना होने के कारण बाहरी प्रदेश के लोगों का बोलबाला होता जा रहा है और स्थानीय स्तर पर पहाड़ी भाषा, लोक संस्कृति,लोक त्यौहार के महत्व पर भी सरकारें ठोस कदम नहीं उठा रही है जिस कारण से हमारी मूल पहचान होती जा रही है ।

उन्होंने कहा हमें इन विषयों पर ठोस रणनीति बनाकर कार्य करने की आवश्यकता है क्योंकि जब मूल चीजे ही विलुप्त हो जायेगे तो हमारी मूल पहचान खत्म हो जाएगी बैठक में वक्ताओं ने कहा की पहाड़ी आर्मी की स्थापना दिवस को पहाड़ी स्वाभिमान दिवस के रूप में 18 मार्च को मनाया जाएगा।

जिसके लिए भव्य तैयारियां की जाएगी हजारों लोगों को संगठन में जोड़कर अपनी संस्कृति बोली भाषा के लिए के संवर्धन के लिए जो शोर से कार्य किए जाएंगे जिसमें तय किया गया ।

जिसकी तैयारी के अलग अलग कॉर्डिंनेटर बनाये गये और पहाड़ी अस्मिता, संस्कृति और संसाधनों की रक्षा के लिए एकजुट होकर संकल्प लिया गया।

जिसमें जिलाध्यक्ष राजेंद्र कांडपाल, महिला जिलाध्यक्ष प्रेमा मेर, नगर अध्यक्ष कविता जीना संजय आर्य,सूबेदार मेजर प्रेम प्रकाश मेहता, प्रदीप रौतेला,गीता चंदोला, राम पांडे,दीपा बोरा,राजाराम अंजू पांडे,हीरा मेहता,रमापांडे,बबीता जोशी, मोहन सिंह बोरा, अर्पिता सुयाल,पवन कुमार,सूबेदार मेजर रमेश सिंह रावत,इंजिनयर लोकेश सनवाल,हरेंद्र सिंह राणा, गीता बिष्ट, बसंत सिंह, सुजान सिंह दसोनी,महेश चंद्र भट्ट आदि मौजूद रहे।

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