हल्द्वानी। आगामी नए शैक्षणिक सत्र को लेकर जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग ने निजी विद्यालयों के प्रबंधकों और प्रिंसिपलों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की।
बैठक में जिला प्रशासन द्वारा तैयार की गई मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के अनुसार ही स्कूलों को कार्य करने के निर्देश दिए गए।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए सिटी मजिस्ट्रेट ए.पी. वाजपेई ने स्पष्ट कहा कि किसी भी निजी विद्यालय द्वारा अभिभावकों पर कॉपी-किताब, यूनिफॉर्म या अन्य शैक्षणिक सामग्री एक ही दुकान से खरीदने का दबाव नहीं बनाया जाना चाहिए। यदि इस तरह की शिकायत मिलती है तो संबंधित विद्यालय के खिलाफ तत्काल जांच कर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि कई बार अभिभावकों की ओर से यह शिकायत मिलती है कि स्कूल प्रबंधन तय दुकानों से ही किताबें और ड्रेस खरीदने के लिए बाध्य करते हैं, जिससे अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है। प्रशासन इस तरह की मनमानी को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं करेगा।
बैठक में फीस बढ़ोतरी के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। सिटी मजिस्ट्रेट ने कहा कि यदि बिना नियमानुसार फीस बढ़ोतरी या अन्य अनियमितताओं की शिकायत सामने आती है तो जिला प्रशासन द्वारा जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने सभी स्कूल प्रबंधकों और प्रिंसिपलों से अपील की कि वे पारदर्शिता और नियमों के तहत ही कार्य करें, ताकि अभिभावकों और विद्यार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि नई शिक्षण सत्र से सभी निजी विद्यालयों को जारी SOP का पालन अनिवार्य रूप से करना होगा।
बैठक में शिक्षा विभाग के अधिकारी और शहर के विभिन्न निजी विद्यालयों के प्रबंधक व प्रिंसिपल भी मौजूद रहे।





