उत्तराखंड में मार्च महीने की बर्फबारी और बारिश ने जहां पर्यटकों के चेहरे खिला दिए हैं, वहीं आगामी चारधाम यात्रा की तैयारियों पर इसका गंभीर असर पड़ा है।
भारी बर्फबारी के चलते सड़क, बिजली, पानी और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं का काम ठप हो गया है, जिससे श्रद्धालुओं और स्थानीय कारोबारियों की चिंता बढ़ गई है।
राज्य में 19 अप्रैल से शुरू होने वाली चारधाम यात्रा के तहत गंगोत्री धाम और यमुनोत्री धाम के कपाट 19 अप्रैल को खुलेंगे। वहीं केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल और बद्रीनाथ धाम व हेमकुंड साहिब के कपाट 23 अप्रैल को खुलने हैं।
लेकिन इन धामों में लगातार हो रही बर्फबारी के कारण तैयारियों का काम बुरी तरह प्रभावित हुआ है। खासकर केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम में चल रहे पुनर्निर्माण कार्य पिछले एक सप्ताह से पूरी तरह रुके हुए हैं।
केदारनाथ धाम में 2013 की आपदा के बाद से लगातार पुनर्निर्माण कार्य जारी है, लेकिन हालिया बर्फबारी के चलते मजदूरों और कर्मचारियों को काम रोकना पड़ा है। बर्फ की मोटी परत के कारण सड़क, बिजली, पेयजल और संचार व्यवस्थाएं भी प्रभावित हुई हैं।
इसी तरह बद्रीनाथ धाम में भी करीब 100 से अधिक मजदूर बर्फ कम होने का इंतजार कर रहे हैं। यहां अलकनंदा नदी के किनारे रिवर फ्रंट, अस्पताल निर्माण, पैदल मार्ग और सौंदर्यीकरण जैसे कई बड़े प्रोजेक्ट चल रहे थे, जिन्हें फिलहाल रोक दिया गया है।
चारधाम यात्रा उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था का प्रमुख आधार है और लाखों श्रद्धालु हर साल इन धामों के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। यात्रा शुरू होने से पहले स्थानीय व्यापारी होटल, ढाबों और दुकानों के लिए सामान पहुंचाते हैं, लेकिन लगातार बर्फबारी के कारण रास्ते बंद होने से उनकी तैयारियां भी अधूरी रह गई हैं।
ऐसे में यदि समय रहते व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं हुईं तो इस बार यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। फिलहाल प्रशासन जल्द से जल्द हालात सामान्य करने की कोशिशों में जुटा हुआ है।
