हल्द्वानी में गुरु अर्जन देव जी व गुरु तेग बहादुर जी के प्रकाश पर्व पर गुरुद्वारा गुरु नानकपुरा में भव्य गुरमत समागम, हजारों संगत ने कीर्तन रस में भक्ति का आनंद लिया
हल्द्वानी। शहर के गुरु नानकपुरा गुरुद्वारे में आज सिख इतिहास के दो महान प्रकाश पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाए गए। पांचवें पातशाह श्री गुरु अर्जन देव जी और नौवें पातशाह श्री गुरु तेग बहादुर जी के अवतरण दिवस पर आयोजित गुरमत समागम में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर गुरुवाणी का रस ग्रहण किया।
कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 11 बजे हेड ग्रंथी भाई ठाकुर सिंह जी की कथा से हुई, जिसमें गुरु साहिबान की शहादत और शिक्षाओं पर प्रकाश डाला गया। इसके बाद हजूरी कीर्तनिए भाई प्रभु सिंह खालसा ने शबद कीर्तन से माहौल को भक्तिमय बना दिया। स्थानीय युवाओं—भाई जसपाल सिंह, दलजीत सिंह, तनप्रीत सिंह और वीरेंद्र सिंह (वीरू)—ने भी अपनी प्रस्तुति से संगत को मंत्रमुग्ध किया।
विशेष रूप से अमृतसर से आए हजूरी कीर्तनिए भाई शुभजीत सिंह जी ने गुरुवाणी के मधुर कीर्तन से संगत को निहाल किया। दीवान की समाप्ति गुरु के अटूट लंगर के साथ हुई, जिसमें सभी श्रद्धालुओं ने मिलकर प्रसाद ग्रहण किया।
शाम के दीवान में पटियाला से पहुंच रही प्रसिद्ध कीर्तनिया बीबी जसप्रीत कौर जी का विशेष आकर्षण रहेगा। कार्यक्रम के तहत परिक्रमा चौकी और नौवें महले के श्लोक कीर्तन का आयोजन भी किया जाएगा।
गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के मुख सेवादार रमनदीप सिंह सहनी ने सभी संगत को प्रकाश पर्व की बधाई देते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में एकता, सेवा और बलिदान की भावना को मजबूत करते हैं।
यह समागम गुरु अर्जन देव जी और गुरु तेग बहादुर जी के त्याग और धार्मिक स्वतंत्रता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम बना।

