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हल्द्वानी। प्रदेश सरकार के निर्देशों के बावजूद 1 अप्रैल से गेहूं खरीद व्यवस्था शुरू नहीं हो पाई है, जिससे किसानों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है।

12 दिन बीत जाने के बाद भी मंडियों में खरीद के कांटे सुचारु न होने से किसान आक्रोशित हो उठे हैं।

अपनी उपज लेकर कई दिनों से मंडियों में बैठे किसानों का सब्र अब जवाब दे रहा है। गुस्साए किसानों ने सोमवार को आईएफसी दफ्तर पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। किसानों का कहना है कि सरकार ने तय समय पर खरीद शुरू करने का वादा किया था, लेकिन अब तक कोई व्यवस्था नहीं की गई है, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान और परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

किसान नेताओं ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द गेहूं खरीद शुरू नहीं की गई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

उन्होंने साफ कहा कि अगर परसों तक कांटे सुचारु नहीं हुए तो किसान खुद ही कांटों को उखाड़कर मंडी से बाहर फेंक देंगे और उग्र आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।

अब सबकी नजर प्रशासन पर टिकी है कि किसानों के बढ़ते आक्रोश के बीच व्यवस्था को कब तक पटरी पर लाया जाता है।

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