बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव सामने आया है। नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है, जिसके बाद अब सम्राट चौधरी राज्य के नए मुख्यमंत्री के रूप में 15 अप्रैल को शपथ लेने जा रहे हैं। शपथ ग्रहण समारोह बिहार लोक भवन में आयोजित होगा, जिसकी तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं।
नई सरकार के गठन को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। सूत्रों के अनुसार, सम्राट चौधरी के साथ वरिष्ठ नेता विजेंद्र प्रसाद यादव और विजय कुमार चौधरी भी मंत्री पद की शपथ लेंगे और दोनों को डिप्टी सीएम बनाया जा सकता है। इस तरह नई सरकार में मुख्यमंत्री बीजेपी से और दो उपमुख्यमंत्री जेडीयू कोटे से होने की संभावना है।
मंत्रिमंडल के गठन में जातीय और क्षेत्रीय संतुलन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। ओबीसी, सवर्ण, दलित और महिला प्रतिनिधित्व को ध्यान में रखते हुए नई कैबिनेट तैयार की जा रही है। साथ ही युवा और अनुभवी नेताओं का संतुलित मिश्रण भी देखने को मिल सकता है।
जेडीयू कोटे से संभावित मंत्रियों में श्रवण कुमार, अशोक चौधरी, लेसी सिंह, मदन सहनी, जमा खां और सुनील कुमार के नाम चर्चा में हैं। वहीं बीजेपी कोटे से विजय कुमार सिन्हा, मंगल पांडेय, रामकृपाल यादव, दिलीप जायसवाल, श्रेयसी सिंह, लखेंद्र पासवान, रमा निषाद, प्रमोद कुमार चंद्रवंशी, अरुण शंकर प्रसाद और संजय सिंह ‘टाइगर’ के नाम सामने आ रहे हैं।
इसके अलावा एनडीए के सहयोगी दलों—एलजेपी, हम और आरएलएम—को भी मंत्रिमंडल में प्रतिनिधित्व मिलने की संभावना है। संभावित नामों में संतोष कुमार सुमन, संजय पासवान, संजय कुमार सिंह और दीपक प्रकाश शामिल हैं।
हालांकि, पूरी मंत्रिमंडल सूची को लेकर अभी आधिकारिक घोषणा बाकी है। अब सभी की नजरें 15 अप्रैल को होने वाले शपथ ग्रहण समारोह पर टिकी हैं, जहां बिहार की नई सरकार की तस्वीर पूरी तरह साफ हो जाएगी।

