नैनीताल। कुमाऊँ विश्वविद्यालय के नवाचार एवं इनक्यूबेशन केंद्र तथा अतिथि प्राध्यापक निदेशालय के संयुक्त तत्वावधान में “स्टार्टअप्स के लिए कानूनी एवं नैतिक कदम” विषय पर एक विशेष ऑनलाइन सत्र का आयोजन गूगल मीट के माध्यम से किया गया।
सत्र में मुख्य वक्ता के रूप में अधिवक्ता सुषांत तिवारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. ललित तिवारी ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. पेनी जोशी द्वारा दिया गया। प्रो. आशीष तिवारी ने सभी का स्वागत किया तथा कार्यक्रम के आयोजन में प्रो. गीता तिवारी का विशेष योगदान रहा।
अपने संबोधन में सुषांत तिवारी ने कहा कि किसी भी स्टार्टअप की सफलता के लिए नवाचार, विस्तार की क्षमता और उच्च लाभ की संभावनाएं महत्वपूर्ण होती हैं। उन्होंने नैनीताल के स्थानीय उत्पादों का उदाहरण देते हुए बताया कि उन्हें बड़े बाजारों से जोड़कर व्यापार को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है।
उन्होंने डीपीआईआईटी मान्यता, कंपनी पंजीकरण, उचित दस्तावेजीकरण और इक्विटी निर्धारण के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। साथ ही स्टार्टअप संचालन में ईमानदारी, पारदर्शिता और नैतिक मूल्यों को बनाए रखने पर विशेष जोर दिया।
सत्र के अंत में विद्यार्थियों को उद्यमिता की ओर प्रेरित किया गया और यह संदेश दिया गया कि सफलता के साथ मानसिक संतुलन और स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी आवश्यक है।
कार्यक्रम में डॉ. संतोष उपाध्याय, डॉ. लज्जा भट्ट, डॉ. नंदन मेहरा, डॉ. निर्मल कौर, ज्योति कांडपाल, करुणा, प्रियंका तिवारी सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

