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नैनीताल। आगामी पर्यटन सीजन को लेकर जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल की अध्यक्षता में जिला कार्यालय सभागार में महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक में पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं देने और व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए कई अहम निर्णय लिए गए।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि टैक्सी चालक, नाव संचालक, घोड़ा संचालक और होटल कर्मियों का पुलिस सत्यापन अनिवार्य होगा। बिना सत्यापन के किसी को भी पर्यटन गतिविधियों में शामिल होने की अनुमति नहीं दी जाएगी। साथ ही अवैध रूप से संचालित होमस्टे और सड़क किनारे लगने वाले ठेले-फड़ पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

शहर की व्यवस्थाओं पर नाराजगी जताते हुए जिलाधिकारी ने नगर पालिका को टोल व्यवस्था में फास्टैग लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल होने के बावजूद नैनीताल में अभी भी मैनुअल व्यवस्था चलना चिंता का विषय है।

यातायात व्यवस्था को लेकर भी सख्त निर्देश जारी किए गए। भीमताल, भवाली और कैंची धाम क्षेत्रों में ट्रैफिक सुचारू रखने, शटल सेवा की दरें तय कर सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करने और सभी टैक्सियों में किराया सूची चस्पा करने को कहा गया। साथ ही वाहनों में डस्टबिन रखना अनिवार्य किया गया।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि कोई भी वाहन सड़क पर खड़ा नहीं रहेगा और नियमों के उल्लंघन पर तत्काल चालान किया जाएगा। बाहरी वाहनों के प्रवेश को सीमित करने के लिए प्रभावी योजना बनाने के भी निर्देश दिए गए। परिवहन पुलिस की क्यूआरटी टीम लगातार निगरानी और कार्रवाई करेगी।

पार्किंग और शटल सेवा स्थलों पर पेयजल, शौचालय, बिजली और प्रकाश की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। रूसी बाईपास स्थित पार्किंग स्थलों पर विशेष व्यवस्थाएं करने और पर्याप्त कर्मचारियों की तैनाती के निर्देश भी दिए गए।

होटल और होमस्टे की संयुक्त जांच कर उनकी क्षमता के अनुसार ही पर्यटकों को ठहराने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। अवैध होमस्टे के खिलाफ तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। पंजीकृत गाइड और घोड़ा संचालकों को ही अनुमति दी जाएगी, साथ ही गाइड के लिए ड्रेस कोड भी अनिवार्य किया गया है।

सुरक्षा व्यवस्था के तहत शहर और आसपास के पर्यटन स्थलों पर क्यूआरटी टीम द्वारा लगातार पेट्रोलिंग, चीता बाइक और पीए सिस्टम की तैनाती की जाएगी। वहीं, यात्रा सीजन के दौरान कंट्रोल रूम भी स्थापित किया जाएगा।

जिलाधिकारी ने स्वच्छता, पेयजल, विद्युत आपूर्ति, पथ प्रकाश और प्लास्टिक प्रतिबंध को लेकर भी सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पर्यटन सीजन में आने वाले सैलानियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो और नैनीताल की प्राकृतिक सुंदरता व झील का संरक्षण बना रहे, इसके लिए सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य करें।

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