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अब तक 101 स्कूलों पर कार्रवाई, महंगी किताबें और अतिरिक्त शुल्क वसूली पर जिला प्रशासन की बड़ी कार्रवाई

हल्द्वानी। जनपद नैनीताल में निजी विद्यालयों द्वारा अभिभावकों पर आर्थिक बोझ डालने के मामलों में जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है।

जिलाधिकारी नैनीताल ललित मोहन रयाल के निर्देश पर मुख्य शिक्षा अधिकारी गोविंद राम जायसवाल ने 12 और निजी विद्यालयों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं।

नोटिस प्राप्त करने वाले विद्यालयों में सेंट लॉरेंस स्कूल देवलचौड़, दीक्षांत इंटरनेशनल स्कूल, केवीएम पब्लिक स्कूल हीरानगर, माउंट लीटेरा जी स्कूल रामपुर रोड, दिल्ली पब्लिक स्कूल रामपुर रोड, ओरम द ग्लोबल स्कूल, जस गोविन स्कूल, डीएवी स्कूल, नैनी वैली स्कूल, गुरुकुल इंटरनेशनल स्कूल, शिवालिक इंटरनेशनल स्कूल तथा टीआरवी स्कूल बरेली रोड शामिल हैं।

गौरतलब है कि इससे पहले हल्द्वानी, लालकुआं, रामनगर, भवाली और भीमताल क्षेत्र के 89 निजी विद्यालयों को नोटिस भेजे जा चुके हैं। इसके साथ ही अब जनपद में नोटिस प्राप्त करने वाले विद्यालयों की संख्या बढ़कर 101 हो गई है।

जांच में सामने आया कि कई विद्यालयों द्वारा एनसीईआरटी पुस्तकों के बजाय महंगी निजी प्रकाशनों की किताबें अनिवार्य की जा रही थीं, जिससे अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ रहा था। साथ ही कुछ स्कूलों द्वारा विशेष दुकानों से किताबें और शिक्षण सामग्री खरीदने के लिए अप्रत्यक्ष दबाव बनाए जाने की शिकायतें भी मिलीं। कई विद्यालयों की वेबसाइटों पर शुल्क संरचना और पुस्तक सूची जैसी अनिवार्य सूचनाएं भी उपलब्ध नहीं पाई गईं।

मुख्य शिक्षा अधिकारी ने सभी संबंधित विद्यालयों को 15 दिनों के भीतर संशोधित पुस्तक सूची जारी कर एनसीईआरटी पुस्तकों को प्राथमिकता देने, विक्रेता विशेष की बाध्यता समाप्त करने, वेबसाइट पर शुल्क व पुस्तक सूची सार्वजनिक करने तथा अभिभावकों से वसूले गए अतिरिक्त शुल्क और अनावश्यक पुस्तकों के धनवापसी/समायोजन के निर्देश दिए हैं।

जिलाधिकारी के निर्देश पर विकासखंड स्तर पर संयुक्त जांच समितियां गठित की गई हैं, जो 15 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगी।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदेशों की अवहेलना करने वाले विद्यालयों के खिलाफ मान्यता निलंबन या निरस्तीकरण सहित कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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