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पिथौरागढ़।  गुरुवार अपराह्न मौसम ने अचानक करवट बदल ली और जिलेभर में हुई भीषण ओलावृष्टि ने भारी तबाही मचा दी।

जिला मुख्यालय समेत कई इलाकों में 100 से 200 ग्राम तक वजन वाले बड़े-बड़े ओले गिरने से फलों, सब्जियों और फसलों को भारी नुकसान पहुंचा, जबकि कई वाहनों की हेडलाइट और शीशे टूट गए। कुछ मकानों की खिड़कियों के शीशे भी चटक गए।

जिला मुख्यालय में ओलों की बारिश इतनी तेज रही कि लोग घरों और दुकानों में शरण लेने को मजबूर हो गए। बाजारों में खुले में दुकान लगाए बैठे दुकानदार अपना सामान तक नहीं समेट सके, जिससे काफी सामान खराब हो गया। सड़कों पर खड़े और गुजर रहे वाहनों को भी भारी नुकसान पहुंचा।

स्थानीय लोगों के अनुसार बीते डेढ़ माह में जिले में कई बार ओलावृष्टि हुई, लेकिन गुरुवार की ओलावृष्टि सबसे ज्यादा भयावह रही। बड़े आकार के ओले गोलियों की तरह तेजी से गिरे, जिससे कुछ समय के लिए जनजीवन पूरी तरह ठप पड़ गया।

कनालीछीना और डीडीहाट क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई, जबकि पर्यटन नगरी मुनस्यारी में घंटों झमाझम बारिश का दौर जारी रहा। खलिया द्वार और बिटलीधार क्षेत्रों में भी ओलावृष्टि दर्ज की गई।

धारचूला में बूंदाबांदी के साथ मौसम लगातार खराब बना हुआ है। वहीं बेरीनाग, गणाईगंगोली और गंगोलीहाट क्षेत्रों में भी दिनभर आसमान बादलों से घिरा रहा।

शाम को एक बार बारिश थमने के बाद फिर मौसम ने करवट ली और दोबारा वर्षा शुरू हो गई। मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों तक जिले में भारी से बहुत भारी बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है।

हालांकि राहत की बात यह रही कि जिले के सभी सड़क मार्ग फिलहाल यातायात के लिए खुले हैं और बारिश के चलते जंगलों में लगी आग भी बुझ गई है।

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