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उत्तराखंड के मैदानी इलाकों में इन दिनों पड़ रही भीषण गर्मी से लोगों का हाल बेहाल है। राजधानी देहरादून समेत कई शहरों में तापमान 38 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है, जिससे लोगों को उमस और चिलचिलाती धूप का सामना करना पड़ रहा है।

हालांकि अब मौसम विभाग की ताजा भविष्यवाणी ने राहत की उम्मीद जगा दी है। आने वाले दो से चार दिनों में प्रदेश के मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल सकता है।

मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार राज्य के कई जिलों में तेज हवाओं, गरज-चमक और भारी बारिश की संभावना है। मौसम में इस बदलाव के चलते अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज हो सकती है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी।

मौसम विभाग ने उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, देहरादून, टिहरी, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में हल्की से मध्यम बारिश और तेज बौछारों की संभावना जताई है। वहीं 4000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी भी हो सकती है। विभाग ने उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों के लिए ओलावृष्टि और तेज अंधड़ को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

मौसम विभाग के निदेशक डॉ. सीएस तोमर के मुताबिक 28 और 29 मई को मौसम अधिक सक्रिय रहेगा। 28 मई को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में भारी बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की गई है। वहीं 29 मई को उत्तरकाशी, देहरादून, टिहरी, रुद्रप्रयाग और चमोली में कई स्थानों पर भारी से भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।

प्रदेश के मैदानी इलाकों में फिलहाल गर्मी चरम पर है। पंतनगर में तापमान 38.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि नई टिहरी में 27.6 डिग्री और मुक्तेश्वर में 26.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ, जो सामान्य से अधिक है।

मौसम के बिगड़ते हालात को देखते हुए राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने सभी जिलाधिकारियों और जिला प्रशासन को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं।

आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन ने लोगों और तीर्थयात्रियों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।

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