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उत्तराखंड के लोकगीतों के संरक्षण और प्रशिक्षण के लिए मिली ‘सांस्कृतिक प्रतिभा खोज छात्रवृत्ति’, परिवार और जिले में खुशी की लहर

लोकगीतों की स्वर साधना लाई रंग, चित्रा पाठक को मिली केंद्र सरकार की छात्रवृत्ति

नैनीताल। रामनगर निवासी बाल कलाकार चित्रा पाठक ने अपनी प्रतिभा के दम पर राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। चित्रा का चयन भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय की प्रतिष्ठित ‘सांस्कृतिक प्रतिभा खोज छात्रवृत्ति योजना’ के लिए हुआ है। यह छात्रवृत्ति देशभर के चुनिंदा प्रतिभाशाली बाल कलाकारों को प्रदान की जाती है।
वर्तमान में केन्द्रीय विद्यालय में कक्षा सात की छात्रा चित्रा पाठक अपनी माता एवं गुरु शिवांगी पाठक के मार्गदर्शन में संगीत की शिक्षा प्राप्त कर रही हैं। उनकी मेहनत, लगन और संगीत के प्रति समर्पण का ही परिणाम है कि उन्हें यह सम्मानजनक छात्रवृत्ति प्राप्त हुई है।
इस संबंध में जानकारी देते हुए संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के सांस्कृतिक स्रोत एवं प्रशिक्षण केन्द्र (सीसीआरटी), नई दिल्ली के जिला स्रोत व्यक्ति (डीआरपी) डॉ. डी.एन. भट्ट ने बताया कि चित्रा पाठक का चयन उत्तराखंड के लोकगीतों के प्रशिक्षण एवं संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रतिभा के आधार पर किया गया है। उन्होंने बताया कि इस छात्रवृत्ति के लिए देशभर से चयनित 650 बाल कलाकारों का राष्ट्रीय स्तर पर ऑडिशन के माध्यम से चयन किया जाता है।
यह छात्रवृत्ति चयनित विद्यार्थियों को उनकी 18 वर्ष की आयु पूर्ण होने तक प्रदान की जाती है, जिससे वे अपनी कला का निरंतर विकास कर सकें।
चित्रा पाठक के चयन पर उनकी गुरु एवं माता शिवांगी पाठक, परिवारजनों, विद्यालय के शिक्षकों तथा जनपद के संस्कृति कर्मियों ने हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी हैं।

यह उपलब्धि न केवल चित्रा और उनके परिवार के लिए बल्कि पूरे नैनीताल जनपद और उत्तराखंड के लिए गर्व का विषय है।

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