आईएएस अधिकारी दीक्षिता जोशी ने रानीखेत में संयुक्त मजिस्ट्रेट (ज्वाइंट मजिस्ट्रेट) का ग्रहण किया कार्यभार
रिपोर्टर : बलवंत सिंह रावत
रानीखेत। भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी दीक्षिता जोशी ने रानीखेत में संयुक्त मजिस्ट्रेट (ज्वाइंट मजिस्ट्रेट) का कार्यभार ग्रहण कर लिया है।
कार्यभार संभालने के बाद उन्होंने तहसील कार्यालय का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और अधिकारियों-कर्मचारियों से परिचयात्मक बैठक भी की।
मीडिया से बातचीत में दीक्षिता जोशी ने कहा कि उनकी प्राथमिकता आम जनता से जुड़े मामलों का त्वरित निस्तारण करना होगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि राजस्व, प्रशासनिक और जनहित से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्रता से निपटाने का प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना और प्रशासन को अधिक प्रभावी बनाना उनकी प्रमुख जिम्मेदारी रहेगी।
पौड़ी से हुआ था स्थानांतरण
दीक्षिता जोशी इससे पूर्व पौड़ी में संयुक्त मजिस्ट्रेट के पद पर कार्यरत थीं। लगभग एक माह पूर्व उनका स्थानांतरण रानीखेत किया गया था।
मूल रूप से हल्द्वानी की रहने वाली दीक्षिता जोशी की नियुक्ति को लेकर क्षेत्र के लोगों में भी उत्साह देखा जा रहा है।
पहले ही प्रयास में बनीं आईएएस
दीक्षिता जोशी उन युवाओं के लिए प्रेरणा हैं जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं। उन्होंने वर्ष 2022 में संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सेवा परीक्षा पहले ही प्रयास में उत्तीर्ण की थी। उन्होंने अखिल भारतीय स्तर पर 58वीं रैंक प्राप्त कर आईएएस बनने का गौरव हासिल किया।
विशेष बात यह रही कि उन्होंने किसी कोचिंग संस्थान की मदद लिए बिना स्व-अध्ययन (सेल्फ स्टडी) के दम पर यह सफलता प्राप्त की। उनकी इस उपलब्धि को देशभर के अभ्यर्थियों के लिए प्रेरणादायक माना जाता है।
शिक्षा और पारिवारिक पृष्ठभूमि
दीक्षिता जोशी की प्रारंभिक शिक्षा हल्द्वानी स्थित Aryaman Vikram Birla School से हुई, जहां से उन्होंने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उन्होंने Govind Ballabh Pant University of Agriculture and Technology से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की तथा आगे की पढ़ाई Indian Institute of Technology Mandi से पूरी की।
उनके पिता आई.के. पांडे स्वास्थ्य विभाग में फार्मासिस्ट के रूप में कार्यरत रहे हैं, जबकि उनकी माता इंटर कॉलेज में प्रवक्ता हैं।
युवाओं के लिए बनीं प्रेरणा
स्व-अध्ययन के माध्यम से यूपीएससी जैसी कठिन परीक्षा में सफलता हासिल करने वाली दीक्षिता जोशी आज उत्तराखंड के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।
रानीखेत में संयुक्त मजिस्ट्रेट के रूप में उनकी नई जिम्मेदारी से क्षेत्र के विकास कार्यों और प्रशासनिक व्यवस्था को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

