बागेश्वर। जिले के एक दुर्गम गांव में सड़क सुविधा के अभाव ने एक बार फिर ग्रामीणों की पीड़ा उजागर कर दी। बीमार बेटे को अस्पताल ले जाने और उपचार के बाद वापस घर पहुंचाने के लिए एक पिता को उसे अपनी पीठ पर लादकर करीब पांच किलोमीटर की खड़ी चढ़ाई पैदल तय करनी पड़ी। यह मार्मिक दृश्य देखकर ग्रामीणों की आंखें भी नम हो गईं।
ग्रामीण प्रेम राम ने बताया कि उनके पुत्र करन की अचानक तबीयत बिगड़ गई और वह तेज बुखार से पीड़ित हो गया। हालत गंभीर होने पर परिवार और ग्रामीणों ने किसी तरह उसे पैदल मार्ग से सड़क तक पहुंचाया। वहां से वाहन के जरिए उसे जिला अस्पताल बागेश्वर ले जाया गया, जहां उसका उपचार किया गया।
उपचार के बाद करन की हालत ऐसी नहीं थी कि वह पैदल चल सके। वहीं गांव तक सड़क न होने के कारण कोई वाहन भी वहां नहीं पहुंच पाया। ऐसे में पिता प्रेम राम ने बेटे को अपनी पीठ पर उठाया और दुर्गम एवं पथरीले रास्तों से होकर करीब पांच किलोमीटर का सफर तय कर उसे घर पहुंचाया।
ग्रामीणों का कहना है कि खड़ी चढ़ाई वाले रास्तों पर बीमार बेटे को पीठ पर लेकर चलना किसी कठिन परीक्षा से कम नहीं था। पिता के संघर्ष और ममता का यह दृश्य पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
ग्रामीणों ने बताया कि बच्ची गांव के लोग वर्षों से सड़क निर्माण की मांग कर रहे हैं, लेकिन आज तक उन्हें राहत नहीं मिली। सड़क के अभाव में बीमार मरीजों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को सबसे अधिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से जल्द सड़क निर्माण कर क्षेत्रवासियों को मूलभूत सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की है।
