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प्रशासन की पाबंदी के बीच हल्द्वानी में दिखा आस्था का रंग,कैंची धाम में भंडारों पर रोक लगने के बाद हल्द्वानी में हुए विशाल भंडारे

हल्द्वानी। कैंची धाम स्थापना दिवस के अवसर पर इस बार प्रशासन द्वारा सड़क किनारे भंडारों के आयोजन पर रोक लगाए जाने के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था में कोई कमी देखने को नहीं मिली।

हर वर्ष की तरह कैंची धाम मार्ग पर भंडारे लगाने वाले कई श्रद्धालु और व्यापारी प्रशासनिक प्रतिबंधों से प्रभावित जरूर हुए, लेकिन उन्होंने सेवा और भक्ति का नया मार्ग खोज लिया।

यातायात व्यवस्था और सुरक्षा कारणों से प्रशासन ने इस बार कैंची धाम जाने वाले मार्गों पर सड़क किनारे भंडारों के आयोजन की अनुमति नहीं दी थी। इससे कुछ श्रद्धालुओं और व्यापारियों में नाराजगी भी देखने को मिली, क्योंकि वर्षों से वे बाबा नीम करोली महाराज की सेवा के भाव से भंडारों का आयोजन करते आए हैं।

हालांकि, बाबा के भक्तों ने भक्ति और सेवा का क्रम टूटने नहीं दिया। हल्द्वानी शहर के विभिन्न स्थानों पर भंडारों का आयोजन किया गया, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर प्रसाद ग्रहण किया। पूरे दिन बाबा नीम करोली महाराज के जयकारों और भक्ति भाव से शहर का माहौल भक्तिमय बना रहा।

वहीं, भारी भीड़, यातायात जाम और अन्य कारणों से कैंची धाम नहीं पहुंच पाने वाले श्रद्धालुओं के लिए हल्द्वानी में आयोजित भंडारे आस्था का केंद्र बने। लोगों ने प्रसाद ग्रहण कर बाबा का आशीर्वाद प्राप्त किया और सेवा कार्यों में भी भागीदारी निभाई।

प्रशासनिक प्रतिबंधों के बीच श्रद्धालुओं ने यह संदेश दिया कि सच्ची श्रद्धा किसी स्थान या दूरी की मोहताज नहीं होती। बाबा नीम करोली महाराज के प्रति उनकी अटूट आस्था हर परिस्थिति में समान रूप से बनी रहती है।

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