अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर लोक भवन में सामूहिक योगाभ्यास, योग को विश्व कल्याण की महायात्रा का माध्यम बनाने का आह्वान
नैनीताल। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने लोक भवन में आयोजित सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए प्रदेशवासियों तथा देश-विदेश के सभी योग साधकों को शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि योग भारत की आत्मा, हमारी संस्कृति का प्राण और सनातन सभ्यता की शाश्वत चेतना है, जिसने मानवता को स्वास्थ्य, शांति, संतुलन और आत्मबोध का मार्ग दिखाया है।
राज्यपाल ने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर, मन, बुद्धि, आत्मा और परमात्मा के दिव्य मिलन का सेतु है। उन्होंने कहा कि हिमालय की तपोभूमि से प्रस्फुटित योग की परंपरा आज पूरे विश्व को आत्मोन्नति और स्वस्थ जीवन का संदेश दे रही है।
उन्होंने प्रधानमंत्री Narendra Modi की पहल का उल्लेख करते हुए कहा कि योग आज वैश्विक जनआंदोलन बन चुका है और संयुक्त राष्ट्र द्वारा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को मान्यता मिलना भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का ऐतिहासिक सम्मान है।
राज्यपाल ने कहा कि योग प्रकृति के साथ सामंजस्य, संयमित जीवनशैली और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देता है। उन्होंने ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः, सर्वे सन्तु निरामयाः’ की भावना को योग का मूल आधार बताते हुए कहा कि योग सम्पूर्ण मानवता के लिए स्वास्थ्य, सद्भाव और शांति का मार्ग प्रशस्त करता है।
उन्होंने सभी नागरिकों से योग को अपने जीवन का संस्कार, परिवार की परंपरा और राष्ट्र निर्माण का आधार बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि योग को व्यक्ति से परिवार, परिवार से समाज, समाज से राष्ट्र और राष्ट्र से विश्व कल्याण की महायात्रा का माध्यम बनाना होगा।
कार्यक्रम में कुमाऊँ विश्वविद्यालय के योग विभाग के विद्यार्थियों ने योगाभ्यास एवं लयबद्ध योग की आकर्षक प्रस्तुति दी।
इस अवसर पर राज्यपाल के परिसहाय अमित श्रीवास्तव, सुमित कुमार शादिजा, संयुक्त निदेशक सूचना डॉ. नितिन उपाध्याय, कम्पट्रोलर प्रमोद चमोली सहित लोक भवन के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।


