हल्द्वानी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और जिलाधिकारी नैनीताल ललित मोहन रयाल के निर्देशों के अनुपालन में जिला प्रशासन ने शुक्रवार को हल्द्वानी शहर के प्रमुख कोचिंग संस्थानों में औचक निरीक्षण अभियान चलाया। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्थाओं, भवन की संरचनात्मक सुरक्षा और अग्निशमन मानकों का व्यापक ऑडिट किया गया।
निरीक्षण के दौरान कई कोचिंग संस्थानों में फायर विभाग की अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) उपलब्ध नहीं पाई गई। छात्रों की सुरक्षा को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पांच कोचिंग संस्थानों को सील कर दिया। इसके अलावा एक अन्य संस्थान को फायर सुरक्षा संबंधी सभी आवश्यक मानकों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
कार्रवाई के दौरान सिटी मजिस्ट्रेट एपी वाजपेयी, एसडीएम मोनिका आर्या, जिला विकास प्राधिकरण के सचिव मनीष कुमार, फायर ब्रिगेड अधिकारी मिंदर पाल तथा संबंधित विभागों की संयुक्त टीम मौजूद रही। अधिकारियों ने कोचिंग संस्थानों में अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता, आपातकालीन निकास (इमरजेंसी एग्जिट), विद्युत सुरक्षा और अन्य सुरक्षा मानकों की भी गहन जांच की।
सिटी मजिस्ट्रेट एपी वाजपेयी और जिला विकास प्राधिकरण के सचिव मनीष कुमार ने स्पष्ट कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिन संस्थानों में निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है, उनके खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
गौरतलब है कि हल्द्वानी में मेडिकल, इंजीनियरिंग तथा अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने वाले बड़ी संख्या में कोचिंग संस्थान संचालित हैं, जहां प्रतिदिन हजारों छात्र अध्ययन करते हैं।
ऐसे में विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और किसी भी संभावित दुर्घटना से बचाव के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा यह विशेष अभियान चलाया जा रहा है। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में अन्य कोचिंग संस्थानों का भी निरीक्षण किया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


