बेरीनाग में आवास और शौचालय योजना में कथित अनियमितताओं का मामला; शिकायतकर्ता ने जांच प्रक्रिया, फाइल मूवमेंट और अधिकारियों की कार्रवाई का ब्योरा मांगा
बेरीनाग (पिथौरागढ़)। नगर पालिका परिषद बेरीनाग में प्रधानमंत्री आवास योजना और स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण में कथित भ्रष्टाचार का मामला अब सूचना का अधिकार (RTI) तक पहुंच गया है।
वार्ड संख्या-3 भट्टीगांव निवासी कैलाश चन्याल ने आरोप लगाया है कि जिलाधिकारी के निर्देश के बावजूद दो सप्ताह बीत जाने पर भी शिकायत पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने आरटीआई अधिनियम-2005 के तहत जांच प्रक्रिया से जुड़े सभी अभिलेख और कार्रवाई का विवरण मांगा है।
कैलाश चन्याल के अनुसार उन्होंने 15 मई को ‘हेलो हेल्प पिथौरागढ़’ पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी। उनका आरोप है कि निष्पक्ष जांच कराने के बजाय नगर पालिका ने अपने ही कर्मचारी को जांच की जिम्मेदारी सौंप दी। उन्होंने सरकारी अभिलेखों में छेड़छाड़ की आशंका भी जताई है।
इसके बाद 15 जून को आयोजित जनता दरबार में उन्होंने मामला उठाया, जिस पर अपर जिलाधिकारी योगेंद्र सिंह ने एसडीएम बेरीनाग को जांच के निर्देश दिए। शिकायतकर्ता का कहना है कि दो सप्ताह बाद भी जांच की कोई प्रगति सामने नहीं आई।
कार्रवाई में देरी से नाराज होकर उन्होंने ऑनलाइन आरटीआई आवेदन दाखिल किया है। इसमें जांच समिति के गठन से संबंधित आदेश, नोटशीट, जांच अधिकारी की नियुक्ति, फाइल मूवमेंट रजिस्टर, दैनिक प्रगति रिपोर्ट, अधिकारियों की टिप्पणियां, एफआईआर से संबंधित कार्रवाई तथा शासन द्वारा निर्धारित समयसीमा से जुड़े आदेशों की प्रमाणित प्रतियां उपलब्ध कराने की मांग की गई है।
शिकायतकर्ता ने सभी दस्तावेज प्रमाणित पीडीएफ के रूप में सूचना पोर्टल पर अपलोड करने तथा ई-मेल के माध्यम से उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। उन्होंने बताया कि आरटीआई शुल्क भी ऑनलाइन जमा कर दिया गया है।
कैलाश चन्याल का कहना है कि यदि आरटीआई से प्राप्त दस्तावेजों के बावजूद कार्रवाई नहीं होती है, तो वे इन्हीं अभिलेखों के आधार पर उच्च न्यायालय नैनीताल की शरण लेंगे।
फिलहाल अब सबकी निगाहें इस बात पर हैं कि जिला प्रशासन आरटीआई के तहत निर्धारित समयसीमा में सूचना उपलब्ध कराता है या मामला न्यायालय तक पहुंचता है।


