16 जुलाई से भव्य होगा भीमताल का हरेला मेला, तैयारियां 10 जुलाई तक पूरी करने के निर्देश
तैयारियों को लेकर विकास भवन में हुई उच्चस्तरीय बैठक, मंत्री ने दिए समयबद्ध व्यवस्था के निर्देश
कैबिनेट मंत्री रामसिंह कैड़ा की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक, सुरक्षा, यातायात, स्वच्छता और सांस्कृतिक कार्यक्रमों पर विशेष जोर
भीमताल। उत्तराखंड की लोक संस्कृति, पर्यावरण संरक्षण और पारंपरिक विरासत के प्रतीक हरेला मेले का आयोजन इस वर्ष भी 16 जुलाई 2026 से भीमताल में भव्यता और हर्षोल्लास के साथ किया जाएगा।
मेले की तैयारियों की समीक्षा के लिए गुरुवार को विकास भवन सभागार में कैबिनेट मंत्री रामसिंह कैड़ा की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई।
बैठक में मेले को सफल और व्यवस्थित ढंग से आयोजित करने के लिए विभिन्न विभागों की जिम्मेदारियों पर विस्तार से चर्चा हुई।
निर्णय लिया गया कि मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ विभिन्न विभागों की प्रदर्शनी एवं स्टॉल लगाए जाएंगे। महिला स्वयं सहायता समूहों, खादी ग्रामोद्योग, स्थानीय शिल्पकारों, जैविक उत्पादों तथा उद्यान विभाग के स्टॉल मेले का प्रमुख आकर्षण होंगे।
कैबिनेट मंत्री ने पुलिस और प्रशासन को मेले के दौरान सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण, सीसीटीवी निगरानी, महिला सुरक्षा तथा सुचारु यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही पर्याप्त पार्किंग स्थलों का चिन्हीकरण करने पर भी जोर दिया गया।
बैठक में स्वच्छता, पेयजल, स्वास्थ्य सुविधाएं और पौधारोपण अभियान सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की गई। मंत्री रामसिंह कैड़ा ने कहा कि हरेला मेला केवल मनोरंजन का आयोजन नहीं, बल्कि उत्तराखंड की संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण के प्रति हमारी सामूहिक जिम्मेदारी का प्रतीक है। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ 10 जुलाई तक सभी तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए।
बैठक में नगर पालिका परिषद भीमताल की अध्यक्ष सीमा टमटा, मुख्य विकास अधिकारी अरविंद कुमार पाण्डे, उपजिलाधिकारी एवं मेलाधिकारी नवाजिश खालिक, मंडल अध्यक्ष कमल जोशी, जिला मंत्री मनोज भट्ट सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, व्यापार मंडल, होटल एसोसिएशन और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।


