हीरानगर में सिंचाई विभाग की जमीन पर कथित अतिक्रमण को लेकर बवाल, पार्षद के नेतृत्व में प्रदर्शन; महिला ने आरोपों को बताया बेबुनियाद

सार्वजनिक शौचालय निर्माण की मांग, प्रशासन ने कराया मौके का निरीक्षण; जांच रिपोर्ट के बाद होगी कार्रवाई

हल्द्वानी। हल्द्वानी के हीरानगर क्षेत्र में सिंचाई विभाग की भूमि पर कथित अतिक्रमण को लेकर विवाद गहरा गया है। वार्ड-17 के पार्षद शैलेंद्र दानू के नेतृत्व में स्थानीय लोगों ने प्रदर्शन कर प्रशासन से भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने और वहां सार्वजनिक शौचालय निर्माण की मांग उठाई।

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि ब्रिटिशकालीन पनचक्की की भूमि पर अवैध रूप से भवन का निर्माण किया गया है। उनका कहना है कि पूर्व जिलाधिकारी वंदना सिंह ने इस स्थान पर सार्वजनिक शौचालय बनाने के निर्देश दिए थे, लेकिन अब उस भूमि पर कथित कब्जा कर लिया गया है।

प्रदर्शन के दौरान लोगों ने सिंचाई विभाग की भूमि से अतिक्रमण हटाने, फुटपाथ खाली कराने और रेहड़ी-पटरी संचालकों को वेंडर जोन में स्थानांतरित करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

मामले में एसडीएम हल्द्वानी मोनिका ने बताया कि पार्षद की ओर से शिकायत प्राप्त होने के बाद राजस्व विभाग और संबंधित विभाग की संयुक्त टीम ने मौके का निरीक्षण किया है। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट और अभिलेखों के परीक्षण के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

वहीं, आरोपों के घेरे में आईं दीप्ति तिवारी ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि उन्होंने किसी भी सरकारी भूमि पर अतिक्रमण नहीं किया है। उन्होंने कहा कि यदि किसी के पास कोई साक्ष्य है तो उसे प्रशासन के समक्ष प्रस्तुत किया जाए। वह जांच में पूरा सहयोग करेंगी।

फिलहाल मामला प्रशासनिक जांच के अधीन है। अब सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।

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