देहरादून। उत्तराखंड में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो गया है। लगातार हो रही बारिश से पहाड़ से लेकर मैदान तक जनजीवन प्रभावित हो गया है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन की घटनाएं बढ़ रही हैं, जबकि मैदानी इलाकों में जलभराव ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। राजधानी देहरादून में शनिवार को हुई झमाझम बारिश से कई सड़कें जलमग्न हो गईं और शहर के कई इलाकों में पानी भर गया।

शनिवार को सुबह से बादल छाए रहे और दोपहर बाद करीब तीन घंटे तक लगातार हुई मूसलाधार बारिश ने शहर की रफ्तार थाम दी। कई प्रमुख चौक-चौराहों पर जलभराव हो गया, जिससे पैदल यात्रियों और दुपहिया वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

वहीं, मसूरी में भी बारिश आफत बनकर बरसी। देहरादून-मसूरी मार्ग पर गलोगी धार के पास पहाड़ी से भारी मलबा और बोल्डर सड़क पर आ गिरने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। करीब एक घंटे तक यातायात पूरी तरह बाधित रहा। बाद में प्रशासन और लोक निर्माण विभाग ने जेसीबी की मदद से मलबा हटाकर मार्ग को सुचारु कराया।

इस बीच मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे के लिए प्रदेश में गंभीर चेतावनी जारी की है। रविवार को नैनीताल, चंपावत और ऊधमसिंह नगर जिलों में भारी से अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है। वहीं देहरादून, टिहरी, पौड़ी, हरिद्वार और बागेश्वर में ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है, जहां तेज बारिश, आकाशीय बिजली और अत्यधिक वर्षा की संभावना जताई गई है।

इसके अलावा उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़, अल्मोड़ा और चमोली जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। सोमवार को भी राहत के आसार नहीं हैं। मौसम विभाग ने देहरादून, हरिद्वार और टिहरी जिलों के लिए फिर से भारी से अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी करते हुए लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।

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