रानीखेत। राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, रानीखेत के रसायन विज्ञान विभाग में कार्यरत सहायक प्राध्यापक डॉ. भारत पाण्डेय ने एक बार फिर अपनी शैक्षणिक एवं शोध उत्कृष्टता का परिचय दिया है।

उत्तराखंड सरकार के उच्च शिक्षा विभाग की मुख्यमंत्री उत्कृष्ट शोध पत्र प्रकाशन प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत उनका दूसरी बार चयन हुआ है। उनकी इस उपलब्धि से महाविद्यालय में खुशी का माहौल है। शिक्षकों एवं शैक्षणिक जगत से जुड़े लोगों ने इसे महाविद्यालय के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताते हुए उन्हें बधाई दी है।

डॉ. पाण्डेय का दूसरी बार इस प्रतिष्ठित योजना में चयन उनके निरंतर शोध प्रयासों, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान के प्रति समर्पण को दर्शाता है। यह उपलब्धि प्रदेश में उच्च शिक्षा एवं शोध के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों के योगदान को भी रेखांकित करती है।

उत्तराखंड सरकार के उच्च शिक्षा विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री उत्कृष्ट शोध पत्र प्रकाशन प्रोत्साहन योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य के उच्च शिक्षण संस्थानों में गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान को बढ़ावा देना और उत्कृष्ट शोध पत्र प्रकाशित करने वाले प्राध्यापकों को प्रोत्साहित करना है। इस योजना के तहत निर्धारित मानकों के आधार पर प्रकाशित शोध पत्रों का मूल्यांकन किया जाता है। इसके बाद उत्कृष्ट शोध कार्य करने वाले प्राध्यापकों का चयन किया जाता है।

डॉ. भारत पाण्डेय का दूसरी बार इस योजना के लिए चयनित होना उनके शोध कार्यों की गुणवत्ता और अकादमिक क्षेत्र में निरंतर सक्रियता को दर्शाता है। उनकी यह सफलता महाविद्यालय के अन्य शिक्षकों और युवा शोधार्थियों के लिए भी प्रेरणादायक मानी जा रही है।

इस क्षेत्र में डॉ. पाण्डेय की शोध गतिविधियां उनके विषयगत ज्ञान और अनुसंधान के प्रति रुचि को प्रदर्शित करती हैं। दूसरी बार शोध प्रोत्साहन योजना में चयनित होने से उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों को एक नई पहचान मिली है।

विज्ञान के लोकप्रियकरण और विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच विकसित करने पर जोर

शिक्षण एवं शोध के साथ-साथ डॉ. पाण्डेय विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने, विज्ञान को सरल एवं रोचक तरीके से प्रस्तुत करने तथा शोध और नवाचार की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए भी सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं।

इस श्रृंखला में भौतिकी के नोबेल पुरस्कार विजेता प्रो. डेविड जे. वाइनलैंड और प्रो. कार्ल ई. वीमन जैसे प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों के व्याख्यान शामिल हैं। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य विशेष रूप से पर्वतीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को विश्वस्तरीय वैज्ञानिक ज्ञान, आधुनिक अनुसंधान और वैज्ञानिकों के अनुभवों से परिचित कराना है।

ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक समुदाय के कार्यों को समझने और विज्ञान के क्षेत्र में भविष्य की संभावनाओं के प्रति जागरूक होने का अवसर मिलता है। इससे दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी वैश्विक शैक्षणिक गतिविधियों से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हुई है।

डॉ. भारत पाण्डेय महाविद्यालय में वर्चुअल लैब, वैज्ञानिक कार्यशालाओं, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक संवाद और विज्ञान प्रसार से जुड़ी गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को आधुनिक वैज्ञानिक शिक्षा से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं।

इन गतिविधियों का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित न रखकर उन्हें प्रयोगात्मक ज्ञान, तकनीकी संसाधनों और शोध की व्यावहारिक प्रक्रियाओं से परिचित कराना है। इससे विद्यार्थियों को अपनी वैज्ञानिक जिज्ञासा विकसित करने और भविष्य में उच्च शिक्षा एवं अनुसंधान के अवसरों को समझने में मदद मिलती है।

डॉ. भारत पाण्डेय की इस उपलब्धि पर राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, रानीखेत के प्राचार्य प्रो. पुष्पेश पाण्डेय ने उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की शोध उपलब्धियां महाविद्यालय की शैक्षणिक प्रतिष्ठा को मजबूत करती हैं और विद्यार्थियों एवं युवा शोधार्थियों को गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान के लिए प्रेरित करती हैं।

इसके अलावा उत्तराखंड विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (UCOST), देहरादून के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत, संयुक्त निदेशक प्रो. डी.पी. उनियाल तथा SHE for STEM कार्यक्रम से जुड़े भुवन ने भी डॉ. भारत पाण्डेय को दूसरी बार चयनित होने पर शुभकामनाएं दीं।

शिक्षा एवं विज्ञान के क्षेत्र से जुड़े लोगों ने उनकी उपलब्धि को शोध, नवाचार और विज्ञान के लोकप्रियकरण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का सकारात्मक परिणाम बताया।

अपनी उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए डॉ. भारत पाण्डेय ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान के साथ विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच विकसित करना और उन्हें विज्ञान के नए अवसरों से जोड़ना उनकी प्राथमिकता है।

उन्होंने कहा कि भविष्य में भी उनका प्रयास शोध, नवाचार और विज्ञान के लोकप्रियकरण के माध्यम से विशेष रूप से पर्वतीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराना रहेगा।

डॉ. भारत पाण्डेय का दूसरी बार मुख्यमंत्री उत्कृष्ट शोध पत्र प्रकाशन प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत चयन उनकी शोध यात्रा की महत्वपूर्ण उपलब्धि है। साथ ही, विज्ञान के प्रचार-प्रसार, छात्राओं को STEM शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने और विद्यार्थियों को आधुनिक वैज्ञानिक गतिविधियों से जोड़ने के उनके प्रयास उच्च शिक्षा में शोध संस्कृति को मजबूत करने की दिशा में उल्लेखनीय हैं।

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