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नैनीताल। उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल के दिशा-निर्देशों के तहत तथा अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं जिला न्यायाधीश  प्रशांत जोशी और सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण पारुल थपलियाल के निर्देशन में मंगलवार को राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, खुर्पाताल में साइबर सुरक्षा विषय पर विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।

शिविर में छात्राओं को साइबर अपराधों के विभिन्न स्वरूपों जैसे ऑनलाइन वित्तीय ठगी, पहचान की चोरी, डेटा हैकिंग, सोशल मीडिया ब्लैकमेलिंग, फर्जी ई-मेल, QR कोड स्कैम और डिजिटल फ्रॉड के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। बताया गया कि साइबर अपराधी अक्सर बैंक अधिकारी, पुलिस या सरकारी अधिकारी बनकर फोन या वीडियो कॉल के माध्यम से लोगों को डराकर या लालच देकर OTP, बैंक संबंधी जानकारी और अन्य गोपनीय सूचनाएं हासिल कर ठगी करते हैं।

इस दौरान छात्राओं को बताया गया कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपना पासवर्ड, ATM पिन या OTP साझा न करें, संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें तथा अज्ञात वीडियो कॉल का जवाब न दें। साथ ही किसी भी प्रकार की ऑनलाइन धोखाधड़ी होने पर तत्काल राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करने की सलाह दी गई।

शिविर में वीडियो प्रस्तुति के माध्यम से भी साइबर सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की गईं। पुलिस उपाधीक्षक ने भी छात्राओं को साइबर अपराधों से बचाव के प्रभावी उपायों की जानकारी देते हुए डिजिटल दुनिया में सतर्क रहने का संदेश दिया।

कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक बनाकर सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित करना था।

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