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हल्द्वानी। चोरगलिया थाना क्षेत्र के मानपुर गांव में सोमवार शाम एक दिल दहला देने वाला हादसा हो गया। घर के बीचोंबीच निर्माणाधीन पानी के टैंक में उतरने के दौरान एक ही परिवार के तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों में मां और उसके दो बेटे शामिल हैं।

तीनों एक-दूसरे को बचाने के प्रयास में टैंक के भीतर उतरे, लेकिन जहरीली गैस अथवा ऑक्सीजन की कमी के कारण बेहोश हो गए और उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। इस घटना से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
पुलिस के अनुसार सोमवार शाम करीब सात बजे घर में बन रहे पानी के टैंक की शटरिंग हटाने के लिए सबसे पहले 38 वर्षीय धर्म सिंह बिष्ट टैंक के अंदर उतरे। काफी देर तक उनके बाहर नहीं आने पर छोटे भाई खुशाल सिंह बिष्ट (34) उन्हें देखने नीचे गए, लेकिन वह भी टैंक के भीतर बेहोश हो गए।
दोनों बेटों के बाहर नहीं निकलने पर उनकी 59 वर्षीय मां सरस्वती देवी भी उन्हें बचाने के लिए टैंक में उतर गईं, लेकिन वह भी जहरीली गैस की चपेट में आकर अचेत हो गईं।

इस दौरान परिवार की मदद के लिए बटाई पर खेती करने वाले और सब्जी विक्रेता भोजराज भी टैंक में उतरे, लेकिन वह भी बेहोश हो गए। ग्रामीणों ने तत्काल प्रयास कर भोजराज को बाहर निकाल लिया, जिससे उनकी जान बच गई।
घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर जुट गए। टैंक के भीतर गैस भरी होने की आशंका को देखते हुए उसकी छत का एक हिस्सा तोड़कर गैस बाहर निकाली गई। इसके बाद सरस्वती देवी और उनके दोनों बेटों को बाहर निकालकर तत्काल डॉ. सुशीला तिवारी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद तीनों को मृत घोषित कर दिया।
परिजनों के अनुसार परिवार पहले ही एक बड़े हादसे का दर्द झेल चुका था। मृतकों के पिता भीम सिंह बिष्ट की कुछ समय पहले सड़क दुर्घटना में मौत हो चुकी थी। धर्म सिंह प्लंबर का काम करने के साथ खेती-बाड़ी भी करते थे, जबकि खुशाल सिंह सितारगंज स्थित एक निजी कंपनी में कार्यरत थे।
प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि निर्माणाधीन बंद टैंक के भीतर ऑक्सीजन की कमी या किसी जहरीली गैस के बनने से दम घुटने के कारण यह हादसा हुआ। हालांकि मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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