रात दो बजे बारिश के दौरान हुआ हादसा, प्रशासन और लोक निर्माण विभाग ने किया मौके का निरीक्षण, एक सप्ताह में दीवार निर्माण का आश्वासन
रिपोर्ट: गुड्डू सिंह ठठोला
नैनीताल में लगातार हो रही बारिश के बीच भूस्खलन का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। ताजा मामला धुपकोठी क्षेत्र का है, जहां देर रात हुई तेज बारिश के दौरान पहाड़ी से बड़े-बड़े पत्थर और बोल्डर रिहायशी इलाके में आ गिरे।
इस घटना से पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है। गनीमत रही कि हादसा रात के समय हुआ, जब सभी लोग अपने घरों के अंदर थे, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। यदि यही घटना दिन के समय होती, तो बड़ा हादसा हो सकता था।
स्थानीय लोगों के अनुसार, सोमवार देर रात करीब दो बजे तेज बारिश के बीच पंगोट मार्ग से लगी सुरक्षा दीवार का एक हिस्सा अचानक भरभराकर टूट गया। इसके बाद पहाड़ी से भारी पत्थर नीचे आबादी वाले क्षेत्र और सीसी मार्ग पर आ गिरे।
पत्थरों के गिरने की तेज आवाज सुनकर लोग नींद से जाग गए और बारिश के बीच घरों से बाहर निकलकर देखा तो चारों ओर बड़े-बड़े पत्थर बिखरे पड़े थे।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि एक विशाल पत्थर एक बुजुर्ग महिला के मकान की छत पर जा गिरा। सौभाग्य से उस समय सभी लोग घर के भीतर सुरक्षित थे, इसलिए कोई घायल नहीं हुआ।
हालांकि, इस घटना के बाद क्षेत्र के लोगों में भय का माहौल है और वे लगातार अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि जिस स्थान पर पत्थर गिरे हैं, वहां दिनभर लोगों और बच्चों की आवाजाही रहती है।
इसी मार्ग से दोपहिया वाहन भी गुजरते हैं। यदि यह घटना दिन के समय होती, तो किसी बड़ी जनहानि से इनकार नहीं किया जा सकता था।
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन की टीम सुबह मौके पर पहुंची और पूरे क्षेत्र का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने सुरक्षा के दृष्टिगत आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
वहीं, लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता दिनेश गिरिराज ने भी मौके का मुआयना किया।
उनके निर्देशन में सीसी मार्ग पर गिरे पत्थरों को हटाने का कार्य शुरू कर दिया गया है।
उन्होंने बताया कि क्षतिग्रस्त सुरक्षा दीवार का पुनर्निर्माण एक सप्ताह के भीतर शुरू कर दिया जाएगा, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले भी चायना पीक क्षेत्र से बड़े-बड़े बोल्डर गिरने की घटनाएं सामने आई थीं।
अब धुपकोठी में सुरक्षा दीवार टूटने के बाद लोगों की चिंता और बढ़ गई है। लगातार हो रही बारिश के बीच पहाड़ियों के कमजोर होने से रिहायशी इलाकों पर खतरा मंडरा रहा है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से स्थायी सुरक्षा उपाय करने और संवेदनशील क्षेत्रों में तत्काल भूस्खलन रोकथाम कार्य शुरू कराने की मांग की है।


