4 मामलों में मुकदमा दर्ज करने के निर्देश, 2 का आपसी समझौता, 3 प्रकरण न्यायालय को भेजे गए
हल्द्वानी। महिलाओं के उत्पीड़न से जुड़े मामलों में त्वरित जांच और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के उद्देश्य से नैनीताल पुलिस लगातार सक्रिय भूमिका निभा रही है।
इसी क्रम में बुधवार को पुलिस बहुद्देशीय भवन, हल्द्वानी में महिला ऐच्छिक ब्यूरो का मासिक काउंसलिंग सत्र आयोजित किया गया। काउंसलिंग सत्र की अध्यक्षता वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टी.सी. ने की।
एसएसपी ने कहा कि महिलाओं से जुड़े प्रकरणों में संवेदनशीलता, निष्पक्षता और समयबद्ध कार्रवाई पुलिस की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत की गंभीरता से जांच कर पीड़ित महिलाओं को त्वरित न्याय दिलाने का प्रयास किया जाए तथा जहां संभव हो, पारिवारिक विवादों का शांतिपूर्ण समाधान कराया जाए।
काउंसलिंग सत्र में ऐच्छिक ब्यूरो की सदस्य डॉ. नंदिता अरेकल, डॉ. रश्मि पंत (मनोवैज्ञानिक एवं काउंसलर, महिला डिग्री कॉलेज हल्द्वानी) तथा राम सिंह बसेड़ा (अधिवक्ता एवं पूर्व अध्यक्ष, बार एसोसिएशन हल्द्वानी) मौजूद रहे। सभी सदस्यों ने दोनों पक्षों की बात ध्यानपूर्वक सुनते हुए विवादों के समाधान का प्रयास किया।
महिला समाधान केंद्र हल्द्वानी की प्रभारी उप निरीक्षक सुनीता कुंवर ने बताया कि इस माह कुल 09 प्रकरण महिला ऐच्छिक ब्यूरो के समक्ष प्रस्तुत किए गए। सभी मामलों में दोनों पक्ष काउंसलिंग के लिए उपस्थित हुए और उनकी समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
काउंसलिंग के परिणाम
04 मामलों में मुकदमा दर्ज करने के आदेश जारी किए गए।
02 मामलों में दोनों पक्षों के बीच आपसी सहमति से समझौता कराकर प्रकरणों का निस्तारण किया गया।
03 मामलों को अग्रिम कार्रवाई एवं आदेश के लिए न्यायालय को अग्रसारित किया गया।
नैनीताल पुलिस ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और न्याय सुनिश्चित करने के साथ-साथ पारिवारिक विवादों का सौहार्दपूर्ण समाधान कराने के लिए महिला ऐच्छिक ब्यूरो की काउंसलिंग प्रक्रिया आगे भी नियमित रूप से जारी रहेगी। पुलिस का उद्देश्य पीड़ित महिलाओं को त्वरित सहायता उपलब्ध कराना और परिवारों को टूटने से बचाने के लिए संवाद एवं समझौते को प्राथमिकता देना है।


