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रामगढ़ (नैनीताल)। राजकीय महाविद्यालय रामगढ़  में शुक्रवार को हिंदी साहित्य के अमर कथाकार एवं उपन्यास सम्राट मुंशी प्रेमचंद की जयंती उत्साह और गरिमामय वातावरण में मनाई गई। हिंदी विभाग के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में प्राध्यापकों और छात्र-छात्राओं ने प्रेमचंद के व्यक्तित्व, कृतित्व और उनके साहित्य की समकालीन प्रासंगिकता पर विस्तार से विचार व्यक्त किए।

कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. नगेन्द्र द्विवेदी ने की। अपने अध्यक्षीय संबोधन में उन्होंने कहा कि मुंशी प्रेमचंद का साहित्य आज भी समाज को सही दिशा देने का कार्य कर रहा है। उन्होंने ‘प्रेमचंद के साहित्य की वर्तमान युग में प्रासंगिकता’ विषय पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्रेमचंद के आदर्श, सामाजिक सरोकार और मानवीय मूल्यों को प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में अपनाना चाहिए। उन्होंने कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता के लिए छात्र-छात्राओं की सराहना भी की।

राजनीति विज्ञान विभाग की प्राध्यापिका डॉ. नीमा पंत ने प्रेमचंद की विभिन्न कहानियों के पात्रों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनका साहित्य समाज के वास्तविक जीवन से जुड़ा हुआ है। किसानों, मजदूरों, दलितों और महिलाओं पर होने वाले अत्याचारों के खिलाफ उनकी लेखनी सदैव मुखर रही, जो उन्हें जनसरोकारों का साहित्यकार बनाती है।

संस्कृत विभाग की प्राध्यापिका डॉ. श्वेता विश्नोई ने साहित्य की परिभाषा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्रेमचंद का साहित्य सामाजिक जीवन-मूल्यों, संघर्षों और मानवीय संवेदनाओं का सशक्त दस्तावेज है। उनकी रचनाएं मानवता, समानता और सामाजिक न्याय का संदेश देती हैं।

इस अवसर पर छात्र-छात्राओं की रचनात्मक प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से प्रेमचंद के जीवन एवं साहित्य पर आधारित पोस्टर प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने प्रेमचंद के चित्र, उनके प्रेरणादायक विचारों तथा उनकी प्रसिद्ध कहानियों पर आधारित आकर्षक चित्रांकन प्रस्तुत किए।

प्रतियोगिता में बी.ए. तृतीय सेमेस्टर की छात्रा दीपशिखा ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। द्वितीय स्थान बी.ए. तृतीय सेमेस्टर के छात्र प्रियांशु पाल को मिला, जबकि निशा कुंवर ने तृतीय स्थान हासिल किया। गौरव कुमार को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किया गया। सभी विजेताओं को प्राचार्य प्रो. नगेन्द्र द्विवेदी ने सम्मानित किया।

कार्यक्रम का संयोजन एवं संचालन हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. विमला सिंह ने किया। इस अवसर पर डॉ. विमला सिंह, डॉ. श्वेता विश्नोई, डॉ. नीमा पंत, दीप्ति कुमारी, कमलेश डोभाल, कुंदन गोस्वामी, गणेश बिष्ट, प्रेम भारती, तनुजा दर्मवाल सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। समारोह का समापन प्रेमचंद के साहित्यिक योगदान को स्मरण करते हुए उनके आदर्शों पर चलने के संकल्प के साथ हुआ।

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