हादसे के बाद चालक टैंकर छोड़कर फरार, ग्रामीणों ने लगाया जाम; भारी वाहनों पर रोक और स्कूल समय में सख्त ट्रैफिक व्यवस्था की उठी मांग

काशीपुर। उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जनपद के काशीपुर से गुरुवार सुबह एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसे की खबर सामने आई है। स्कूल जा रहे तीन छात्रों को तेज रफ्तार और बेकाबू टैंकर ने पीछे से जोरदार टक्कर मार दी।

हादसा इतना भीषण था कि 15 वर्षीय छात्र शिवम कुमार की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि उसके दो साथी गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद पूरे इलाके में मातम पसर गया, वहीं आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क जाम कर प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया।

जानकारी के अनुसार दाभोरा टांडा निवासी मनोज सिंह का 15 वर्षीय बेटा शिवम कुमार राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय बरखेड़ी में कक्षा 10 का छात्र था। गुरुवार सुबह वह अपने रिश्ते के भाइयों वासु और अक्षय के साथ पैदल स्कूल जा रहा था। सुबह करीब 10 बजे बरखेड़ी मार्ग पर पीछे से तेज गति से आए एक टैंकर ने तीनों छात्रों को अपनी चपेट में ले लिया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि शिवम कुमार ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। हादसे के बाद सड़क पर दूर-दूर तक बच्चों के जूते और अन्य सामान बिखर गए। इस भयावह दृश्य को देखकर मौके पर मौजूद लोग भी सन्न रह गए।

हादसे के तुरंत बाद आसपास के ग्रामीण घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। लोगों को अपनी ओर आता देख टैंकर चालक वाहन मौके पर छोड़कर फरार हो गया। ग्रामीणों ने बिना समय गंवाए घायल वासु और अक्षय को काशीपुर के एक निजी अस्पताल पहुंचाया, जहां दोनों का उपचार चल रहा है। चिकित्सकों के अनुसार दोनों की हालत गंभीर बनी हुई है।

घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने बरखेड़ी मार्ग पर जाम लगा दिया और स्कूल समय में भारी वाहनों के संचालन पर रोक लगाने, स्पीड कंट्रोल के लिए ठोस इंतजाम करने तथा ट्रैफिक व्यवस्था को सख्ती से लागू करने की मांग की। सूचना मिलने पर आईटीआई कोतवाली पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने लोगों को उचित कार्रवाई का आश्वासन देकर किसी तरह जाम खुलवाया।

पुलिस ने मृतक शिवम के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। फरार टैंकर चालक की तलाश के लिए पुलिस की टीमें गठित कर दी गई हैं। साथ ही आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है ताकि आरोपी को जल्द गिरफ्तार किया जा सके।

बताया जा रहा है कि शिवम अपने पांच भाई-बहनों में चौथे नंबर का था। उसके पिता मनोज सिंह मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। बेटे की असमय मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

पूरे गांव में शोक की लहर है और हर कोई इस दर्दनाक हादसे से स्तब्ध है। ग्रामीणों ने प्रशासन से दोषी चालक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।

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