कम्युनिटी पुलिसिंग कार्यक्रम में महिला सुरक्षा, सड़क सुरक्षा और नशा मुक्ति पर दिया गया विशेष जोर, ‘मानस पोर्टल’ और टोल-फ्री 1933 के उपयोग की दी जानकारी।
हल्द्वानी। हल्द्वानी में आयोजित कम्युनिटी पुलिसिंग कार्यक्रम के दौरान कुमाऊं ज़ोन की आईजी निवेदिता कुकरेती ने आम जनता से पुलिस के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि अपराध नियंत्रण, नशे के कारोबार पर प्रभावी अंकुश और सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए पुलिस और जनता की साझेदारी बेहद आवश्यक है। जागरूक और सक्रिय नागरिक ही सुरक्षित समाज की मजबूत नींव बन सकते हैं।
आईजी निवेदिता कुकरेती ने कहा कि कम्युनिटी पुलिसिंग कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोगों को भारत सरकार की विभिन्न योजनाओं तथा उन आधुनिक तकनीकी प्लेटफॉर्म्स की जानकारी देना है, जिनके माध्यम से आम नागरिक पुलिस तक महत्वपूर्ण सूचनाएं आसानी और सुरक्षित तरीके से पहुंचा सकते हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस और जनता के बीच जितना बेहतर संवाद होगा, कानून व्यवस्था उतनी ही अधिक प्रभावी और मजबूत होगी।
कार्यक्रम के दौरान महिला सुरक्षा, सड़क सुरक्षा और नशा मुक्ति जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। आईजी ने कहा कि समाज से नशे की समस्या को खत्म करने के लिए हर नागरिक की भागीदारी जरूरी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि उनके आसपास कहीं भी नशे का कारोबार संचालित हो रहा हो या किसी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे, तो उसकी सूचना तत्काल पुलिस को दें।
उन्होंने बताया कि नशे से संबंधित शिकायतों और सूचनाओं के लिए मानस पोर्टल उपलब्ध है, जहां कोई भी व्यक्ति अपनी पहचान गोपनीय रखते हुए सूचना साझा कर सकता है। इसके अलावा टोल-फ्री नंबर 1933 पर भी नशे से जुड़ी जानकारी दी जा सकती है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और प्राप्त सूचना पर पुलिस द्वारा त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई की जाएगी।
आईजी कुकरेती ने कहा कि पुलिस का उद्देश्य केवल अपराध होने के बाद कार्रवाई करना नहीं, बल्कि समाज की सक्रिय भागीदारी से अपराधों की रोकथाम करना भी है। उन्होंने नागरिकों से पुलिस का सहयोग करने और सुरक्षित, नशामुक्त एवं अपराधमुक्त समाज के निर्माण में अपनी जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया।


