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ओखलकांडा के कूल पंचायत क्षेत्र में ‘हर घर जल योजना’ ठप, नए बने टैंकों में आई दरारें; ग्रामीणों ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी

ओखलकांडा। विकासखंड ओखलकांडा के कूल पंचायत क्षेत्र में जल जीवन मिशन के तहत संचालित ‘हर घर जल योजना’ की स्थिति ग्रामीणों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। योजना का काम अधूरा होने के कारण ग्रामीणों को आज भी पेयजल के लिए मीलों दूर जाना पड़ रहा है। ग्रामीण सिर पर पानी के बर्तन रखकर लंबी दूरी तय करने को मजबूर हैं। क्षेत्र में पेयजल संकट को लेकर ग्रामीणों में विभागीय लापरवाही और जनप्रतिनिधियों के प्रति खासा आक्रोश देखने को मिल रहा है।

9 अगस्त 2026 को भाजपा नेता हेम आर्य ने कूल पंचायत क्षेत्र का सघन दौरा कर ग्रामीणों से जनसंपर्क किया। इस दौरान चोपड़ा, सिरसा, नैनीपुल और कूल समेत आसपास के क्षेत्रों के ग्रामीणों ने उन्हें अपनी पेयजल समस्या से अवगत कराया। कूल पंचायत घर में आयोजित बैठक में ग्रामीणों ने बताया कि गांव में जल जीवन मिशन के अंतर्गत पंपिंग योजना और हर घर जल योजना का कार्य लंबे समय से अधूरा पड़ा है।

ग्रामीणों के अनुसार योजना के तहत एक-एक लाख लीटर क्षमता वाले दो बड़े टैंक और 30 हजार लीटर क्षमता का एक अन्य टैंक बनाया गया है, लेकिन निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि नए बने टैंकों में अभी से दरारें पड़ने लगी हैं। इसके अलावा पानी की सप्लाई के लिए आवश्यक मशीन अब तक स्थापित नहीं की गई है, जिसके चलते योजना का लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल पा रहा है।

पेयजल की समस्या का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि ग्रामीणों को अपनी रोजमर्रा की जरूरत पूरी करने के लिए दूर-दराज के स्रोतों से पानी ढोकर लाना पड़ रहा है। महिलाओं और बच्चों पर इसका सबसे अधिक असर पड़ रहा है। ग्रामीणों ने कहा कि गर्मी और बरसात के मौसम में पानी की समस्या और भी गंभीर हो जाती है।

बैठक के दौरान ग्रामीणों ने मौजूदा विधायक की कार्यप्रणाली को लेकर भी नाराजगी जताई। ग्रामीणों का आरोप था कि उनकी समस्याओं की ओर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से पेयजल संकट झेलने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।

ग्रामीणों की समस्याएं सुनने के बाद भाजपा नेता हेम आर्य ने उन्हें शांत कराया और समस्या के जल्द समाधान का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार जनहित से जुड़े मुद्दों को लेकर गंभीर है और अधूरे पड़े कार्यों को जल्द पूरा कराने का प्रयास किया जाएगा, ताकि ग्रामीणों को पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा के लिए परेशान न होना पड़े।

पेयजल संकट की गंभीरता को देखते हुए हेम आर्य ने मौके से ही जल संस्थान के अधिकारियों से फोन पर वार्ता की। उन्होंने अधिकारियों को क्षेत्र की स्थिति से अवगत कराया और योजना की प्रगति तथा कार्य में देरी के कारणों की जानकारी ली। अधिकारियों की ओर से बताया गया कि बजट की कमी के कारण योजना के कार्य में देरी हो रही है।

इस पर हेम आर्य ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि वह इस मामले को मुख्यमंत्री के समक्ष रखेंगे और जल्द से जल्द बजट तथा अन्य आवश्यक कार्रवाई कराकर पेयजल योजना को सुचारु कराने का प्रयास करेंगे।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही टैंकों की मरम्मत कर पानी की आपूर्ति शुरू नहीं की गई तो आने वाले दिनों में क्षेत्र में पेयजल संकट और गंभीर हो सकता है। ग्रामीणों ने कहा कि यदि समय रहते उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे अपनी मांगों को लेकर उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।

वहीं, जनसंपर्क कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए। कार्यक्रम में जीवन चंद्र, राजन लाल, नंद किशोर, लीला देवी, चंपा देवी, कमला देवी, बसंती देवी, नवीन चंद्र, दिनेश तिवारी, नारायण सिंह खत्री, सुखदेव सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

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