चेकिंग को लेकर पुलिस और असम रेजीमेंट के जवानों में मारपीट, मेजर समेत 10 से अधिक पर मुकदमा
गोपेश्वर (चमोली)। देश के प्रथम गांव माणा में वाहनों की चेकिंग को लेकर पुलिस और असम रेजीमेंट के जवानों के बीच विवाद के बाद मारपीट का मामला सामने आया है। विवाद इतना बढ़ गया कि मौके पर तैनात होमगार्ड और पुलिसकर्मियों के साथ कथित मारपीट की गई। मामले में पुलिस कांस्टेबल विजय सिंह की तहरीर पर बदरीनाथ थाने में 64 इंजीनियरिंग असम रेजीमेंट के मेजर अनमोल प्रीत समेत 10 से अधिक जवानों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस के अनुसार, माणा गांव के पास कांवड़ यात्रा को देखते हुए पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर वाहनों की जांच की जा रही थी। कांवड़ियों की संख्या अधिक होने के कारण सड़क पर जाम जैसी स्थिति बनी हुई थी। इसी दौरान असम रेजीमेंट के मेजर अनमोल प्रीत अपने वाहन से मौके पर पहुंचे। वाहनों के दस्तावेजों की जांच में समय लगने को लेकर उनकी ड्यूटी पर तैनात होमगार्ड जवान से कहासुनी हो गई।
आरोप है कि तीखी बहस के बाद मेजर मौके से चले गए। कुछ देर बाद वह अन्य जवानों के साथ दोबारा मौके पर पहुंचे। पुलिस का आरोप है कि इसके बाद होमगार्ड जवान के साथ मारपीट की गई। घटना की सूचना मिलने पर बदरीनाथ थाने से सब इंस्पेक्टर और एक अन्य पुलिस जवान मौके पर पहुंचे और स्थिति को संभालने का प्रयास किया।
पुलिस के मुताबिक, इसी दौरान मेजर और उनके साथ आए जवानों ने पुलिसकर्मियों के साथ भी कथित तौर पर मारपीट की। घटना के बाद असम रेजीमेंट के जवान मौके से चले गए। मामले की सूचना उच्च अधिकारियों को दी गई, जिसके बाद पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
चमोली के पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार ने बताया कि मारपीट के मामले में मेजर सहित अन्य जवानों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जा रही है और असम रेजीमेंट का पक्ष जानने के लिए उसके उच्च अधिकारियों से वार्ता की जा रही है।
माणा जैसे संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्र में सेना और पुलिस के जवानों के बीच विवाद सामने आने के बाद मामला चर्चा में है। फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों के बयानों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई में जुटी है।



