नैनीताल। कुमाऊं विश्वविद्यालय के डीएसबी परिसर स्थित वनस्पति विज्ञान विभाग द्वारा संचालित ‘मिशन ग्रीन’ अभियान के अंतर्गत शुक्रवार को पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में विभाग के पूर्व छात्र एवं ओमान विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ. पंकज साह, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक हरिओम जी, पूर्व छात्र महासंघ के महासचिव भावेश सैंटियाल तथा विभागाध्यक्ष प्रो. ललित तिवारी ने सहभागिता करते हुए विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपे।
इस दौरान परिसर में जिंको, बेडू, देवदार और तेजपत्ता के पौधों का रोपण किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा हरित आवरण को मजबूत करना रहा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए हरिओम जी ने कहा कि पृथ्वी को स्वस्थ और संतुलित बनाए रखने के लिए पौधारोपण सबसे महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने का आह्वान किया।
वहीं, डॉ. पंकज साह ने कहा कि पौधारोपण मानव जीवन के लिए सबसे श्रेष्ठ और पुण्य कार्यों में से एक है। उन्होंने कहा कि पेड़-पौधे न केवल पर्यावरण को संरक्षित करते हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और सुरक्षित भविष्य भी सुनिश्चित करते हैं।
प्रो. ललित तिवारी ने कहा कि सावन का महीना प्रकृति को समर्पित माना जाता है और यह हमें पर्यावरण संरक्षण का संदेश देता है। उन्होंने रोपे गए पौधों की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि जिंको औषधीय गुणों से भरपूर होने के साथ-साथ “लिविंग फॉसिल” के रूप में जाना जाता है। बेडू उत्तराखंड का महत्वपूर्ण जंगली फल है, तेजपत्ता दैनिक जीवन में उपयोग होने वाला प्रमुख मसाला है, जबकि देवदार को “वुड ऑफ गॉड” कहा जाता है और इसका धार्मिक व पर्यावरणीय महत्व अत्यंत विशेष है।
पौधारोपण के लिए पौधे वन क्षेत्रीय अधिकारी आनंद लाल आर्य द्वारा उपलब्ध कराए गए। कार्यक्रम में डॉ. नवीन पांडे, मोहित खाती, लीला, विशाल, वसुंधरा, शीतल तथा भावना पांडे सहित अन्य लोगों ने भी उत्साहपूर्वक पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया।
इस अवसर पर उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने हरित एवं स्वच्छ पर्यावरण के निर्माण के लिए निरंतर पौधारोपण और वृक्ष संरक्षण का संदेश दिया।







