हल्द्वानी में मृतक आश्रित कर्मचारियों का लोक निर्माण विभाग के खिलाफ आक्रोश, 10-15 साल की सेवा के बाद भी नियमितीकरण नहीं; आंदोलन की चेतावनी
हल्द्वानी। लोक निर्माण विभाग (PWD) में कार्यरत मृतक आश्रित कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर विभागीय अधिकारियों के खिलाफ नाराजगी जताई है। कर्मचारियों का आरोप है कि कई मृतक आश्रित कर्मचारी पिछले 10 से 15 वर्षों से विभाग में लगातार सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन इतने लंबे समय के बाद भी उनके नियमितीकरण की कार्रवाई पूरी नहीं की जा रही है।
कर्मचारियों का कहना है कि विभाग में कई पद रिक्त होने के बावजूद मृतक आश्रित कर्मचारियों के नियमितीकरण को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। उनका आरोप है कि प्रमुख अभियंता स्तर से नियमितीकरण की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाई जा रही है, जिसके चलते वर्षों से विभाग में सेवाएं दे रहे कर्मचारियों में रोष लगातार बढ़ता जा रहा है।
कर्मचारियों ने कहा कि लंबे समय तक विभागीय कार्य करने के बावजूद उन्हें नियमित कर्मचारी का दर्जा नहीं मिलना उनके साथ अन्याय है। उनका कहना है कि रिक्त पदों पर नियमितीकरण की कार्रवाई कर विभाग वर्षों से लंबित इस समस्या का समाधान कर सकता है।
27 अगस्त के स्थानांतरण आदेश पर भी जताई आपत्ति
मृतक आश्रित कर्मचारियों ने प्रमुख अभियंता, देहरादून की ओर से 27 अगस्त 2026 को जारी स्थानांतरण संबंधी आदेश पर भी आपत्ति दर्ज कराई है। कर्मचारियों का कहना है कि फील्ड में कार्यरत कर्मचारियों को दूसरे जिलों में स्थानांतरित करने के दौरान पदावनति अथवा निचले पद पर समायोजन जैसी शर्तों से जोड़ना उचित नहीं है।
कर्मचारियों ने इस व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताते हुए मांग की है कि 27 अगस्त को जारी स्थानांतरण संबंधी आदेश को तत्काल निरस्त किया जाए। साथ ही वर्षों से लंबित मृतक आश्रित कर्मचारियों के नियमितीकरण की प्रक्रिया को जल्द पूरा करने की मांग भी उठाई गई है।
मांगें पूरी नहीं हुईं तो धरना-प्रदर्शन की चेतावनी
कर्मचारियों ने विभागीय अधिकारियों को चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई और स्थानांतरण संबंधी आदेश को निरस्त नहीं किया गया, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होंगे। कर्मचारियों ने विभागीय कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन करने की चेतावनी भी दी है।
मृतक आश्रित कर्मचारियों के बढ़ते आक्रोश और आंदोलन की चेतावनी के बाद अब सबकी नजर लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों पर टिकी है। देखना होगा कि विभाग कर्मचारियों की नियमितीकरण संबंधी मांगों और स्थानांतरण आदेश को लेकर क्या निर्णय लेता है।










