नैनीताल जिले में मानसूनी बारिश ने मचाई तबाही, 137 मिमी बारिश से सड़कें, नहरें और पेयजल योजनाएं प्रभावित
दो दर्जन से अधिक ग्रामीण मार्ग बंद, 86 सिंचाई नहरें और 95 पेयजल योजनाएं क्षतिग्रस्त; 60 मकानों को भी नुकसान
हल्द्वानी। नैनीताल जिले में एक और दो सितंबर को हुई भारी मानसूनी बारिश ने जिले के बुनियादी ढांचे को व्यापक नुकसान पहुंचाया है। लगातार हुई बारिश के चलते कई क्षेत्रों में सड़कें, सिंचाई नहरें, पेयजल योजनाएं और विद्युत व्यवस्था प्रभावित हुई है। जिलाधिकारी ललित मोहन रियाल ने बारिश से हुए नुकसान और प्रशासन की ओर से चलाए जा रहे राहत एवं पुनर्स्थापना कार्यों की जानकारी दी।
जिलाधिकारी के मुताबिक, जिले में करीब 137 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। भारी बारिश के कारण कई मार्गों पर आवागमन बाधित हुआ। प्रशासन और संबंधित विभागों की तत्परता से नेशनल हाईवे और स्टेट हाईवे को तत्काल खोल दिया गया है, जबकि गांवों को जोड़ने वाले दो दर्जन से अधिक ग्रामीण मार्ग अभी भी बंद हैं। इन मार्गों को खोलने के लिए संबंधित विभागों की टीमें लगातार जुटी हुई हैं।
बारिश से जिले में 86 सिंचाई नहरों को नुकसान पहुंचा है। इसके चलते कई क्षेत्रों में किसानों की सिंचाई व्यवस्था प्रभावित हुई है। प्रशासन की ओर से क्षतिग्रस्त नहरों का आकलन कर उन्हें जल्द से जल्द दुरुस्त करने की कार्रवाई की जा रही है।
95 पेयजल योजनाएं प्रभावित
भारी बारिश का असर जिले की पेयजल व्यवस्था पर भी पड़ा है। करीब 95 पेयजल योजनाएं प्रभावित हुईं, जिनमें से 74 योजनाओं की पेयजल आपूर्ति बहाल कर दी गई है। शेष प्रभावित योजनाओं को भी जल्द चालू करने के लिए विभागीय स्तर पर काम जारी है। प्रशासन का प्रयास है कि ग्रामीण और पर्वतीय क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति को प्राथमिकता के आधार पर सुचारु किया जाए।
विद्युत व्यवस्था को भी नुकसान
बारिश और तेज बहाव के कारण विद्युत व्यवस्था भी प्रभावित हुई है। जिले में 35 विद्युत पोल और एक ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त होने की जानकारी सामने आई है। विद्युत विभाग की टीमें क्षतिग्रस्त पोल और अन्य उपकरणों को दुरुस्त करने में जुटी हैं, ताकि प्रभावित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति सामान्य की जा सके।
करीब 60 मकानों को पहुंचा नुकसान

भारी बारिश के कारण जिले में करीब 60 मकानों को भी नुकसान पहुंचा है। प्रशासन की ओर से प्रभावित परिवारों का आकलन कर राहत पहुंचाने के साथ ही नियमानुसार मुआवजे की कार्रवाई की जा रही है। प्रभावित इलाकों में प्रशासनिक टीमें नुकसान का जायजा ले रही हैं और जरूरत के मुताबिक राहत एवं पुनर्निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं।
गौला नदी के बढ़े जलस्तर से भू-कटाव की चिंता
भारी बारिश के बाद गौला नदी का जलस्तर बढ़ने से कई इलाकों में भू-कटाव की स्थिति भी सामने आई है। नदी किनारे रहने वाले क्षेत्रों में प्रशासन की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं। संवेदनशील स्थानों पर स्थिति पर नजर रखते हुए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
जिलाधिकारी ने बताया कि बारिश से हुए नुकसान के बाद प्रशासन की प्राथमिकता बंद मार्गों को खोलना, पेयजल एवं विद्युत व्यवस्था बहाल करना और क्षतिग्रस्त सिंचाई एवं अन्य बुनियादी ढांचे को जल्द दुरुस्त करना है। संबंधित विभागों को राहत और पुनर्निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं।
बारिश से हुए नुकसान के बीच प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जा रही है।
ग्रामीण मार्गों, पेयजल योजनाओं और सिंचाई नहरों की बहाली का कार्य पूरा होने के बाद ही दूरस्थ क्षेत्रों में जनजीवन पूरी तरह सामान्य होने की उम्मीद है।




