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शिक्षकों ने सीखा प्राथमिक उपचार, आपदा प्रबंधन, गांठ एवं लेशिंग सहित स्काउटिंग की विभिन्न तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण

हल्द्वानी। भारत स्काउट्स एवं गाइड्स जिला नैनीताल के तत्वावधान में गुरु तेग बहादुर सीनियर सेकेंडरी स्कूल, हल्द्वानी में आयोजित सात दिवसीय बेसिक स्काउट एवं गाइड कोर्स उत्साह और उमंग के साथ सम्पन्न हुआ। प्रशिक्षण कार्यक्रम में हल्द्वानी ब्लॉक एवं नगर क्षेत्र के विभिन्न निजी विद्यालयों के शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग कर स्काउटिंग एवं गाइडिंग की विभिन्न गतिविधियों का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त किया।

सात दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को स्काउटिंग एवं गाइडिंग की मूल अवधारणाओं, इतिहास, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, सेवा भावना तथा संगठनात्मक गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी गई। इसके साथ ही प्राथमिक सहायता और आपदा प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेष रूप से व्यावहारिक प्रशिक्षण कराया गया।

प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों ने विभिन्न प्रकार की पट्टियां बांधने, स्ट्रेचर तैयार करने, सीपीआर देने तथा आपात परिस्थितियों में राहत एवं बचाव कार्यों की तकनीकों का अभ्यास किया। इसके अलावा विभिन्न प्रकार की गांठों और लेशिंग का प्रशिक्षण भी दिया गया। रोलिंग हिच, टिम्बर हिच, ड्रॉ हिच, फायरमैन नॉट, शीयर लेशिंग एवं स्क्वायर लेशिंग जैसी महत्वपूर्ण स्काउटिंग तकनीकों का प्रतिभागियों ने अभ्यास किया। अनुमान विधि के माध्यम से विभिन्न दूरियों का आकलन करने का प्रशिक्षण भी दिया गया।

शिविराग्नि में दिखी सामाजिक जागरूकता और सांस्कृतिक झलक

प्रशिक्षण के पंचम दिवस पर वृहद शिविराग्नि कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें प्रतिभागियों ने सामाजिक जागरूकता, स्थानीय संस्कृति और समसामयिक विषयों पर आधारित विभिन्न आकर्षक प्रस्तुतियां दीं। प्रस्तुतियों के माध्यम से सामाजिक सरोकारों, सांस्कृतिक विरासत, पर्यावरण संरक्षण तथा समाज के प्रति जिम्मेदारी का संदेश दिया गया। कार्यक्रम ने प्रशिक्षणार्थियों में रचनात्मकता और टीम भावना को भी बढ़ावा दिया।

हाइक और दीक्षा कार्यक्रम में लिया सेवा व अनुशासन का संकल्प

प्रशिक्षण के छठे दिवस पर द मास्टर्स स्कूल, पनियाली में हाइक एवं दीक्षा कार्यक्रम आयोजित किया गया। हाइक के दौरान प्रतिभागियों ने प्रकृति एवं पर्यावरण से जुड़ी गतिविधियों में हिस्सा लिया और खुले वातावरण में स्काउटिंग की व्यवहारिक गतिविधियों का अनुभव प्राप्त किया।

दीक्षा कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को स्काउटिंग एवं गाइडिंग के मूल सिद्धांतों, सेवा भावना, अनुशासन और जिम्मेदारी से अवगत कराया गया। प्रतिभागियों ने स्काउटिंग के मूल उद्देश्यों को अपने जीवन में अपनाने तथा विद्यालयों में विद्यार्थियों के बीच इन मूल्यों को विकसित करने का संकल्प लिया।

स्काउटिंग जीवन जीने की पद्धति : प्रशिक्षक

समापन अवसर पर मुख्य अतिथि एवं प्रशिक्षण संयोजकों ने कहा कि स्काउटिंग एवं गाइडिंग केवल एक गतिविधि नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक पद्धति है। यह बच्चों और युवाओं में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, सेवा भावना, आत्मनिर्भरता, सहयोग तथा राष्ट्रीय एकता की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

उन्होंने कहा कि शिक्षकों को दिया जा रहा यह प्रशिक्षण विद्यालयों में स्काउटिंग एवं गाइडिंग की गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित करने में उपयोगी साबित होगा। शिक्षक प्रशिक्षण के माध्यम से विद्यार्थियों को आपदा प्रबंधन, प्राथमिक उपचार, नेतृत्व, टीमवर्क और सेवा भावना जैसे महत्वपूर्ण जीवन कौशल सिखा सकेंगे। सात दिवसीय बेसिक स्काउट एवं गाइड कोर्स विद्यालय स्तर पर स्काउटिंग आंदोलन को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

कार्यक्रम में प्रदेश प्रशिक्षण आयुक्त आर.एस. नेगी, मुख्य अतिथि हरभजन सिंह सच्चर एवं राधा ऐठानी, कार्यक्रम संयोजक विजय जोशी, प्रबंधक चन्दन सिंह रेकवाल, अकादमी निदेशक नेहा बिष्ट, अध्यक्ष भारत स्काउट्स एवं गाइड्स जिला नैनीताल नरेंद्र साह, जिला सचिव आर.एस. जीना, डीओसी स्काउट चंद्र लाल, डीटीसी स्काउट महेंद्र सैनी, डीओसी गाइड सीमा सेन, डीटीसी गाइड पुष्पा दरमवाल, एलओसी स्काउट कमलेश सती, एलओसी गाइड अनुराधा पाण्डे सहित सरिता सामंत, संतोष जोशी, भुवन सूंठा, उमेश तिवारी एवं सुशीला पाण्डे मौजूद रहे।

समापन समारोह में प्रशिक्षणार्थियों के उत्साह और सहभागिता की सराहना की गई तथा विद्यालयों में स्काउटिंग एवं गाइडिंग की गतिविधियों को नियमित रूप से संचालित करने पर जोर दिया गया।

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