हरिद्वार। पर्यावरण संरक्षण और हरित भविष्य के संकल्प के साथ हरिद्वार जिले में वृहद वृक्षारोपण अभियान लगातार जारी है। इसी क्रम में 30 अगस्त 2026 को गेंडीखाता स्थित मृत्युंजय मिशन संस्थान तथा 31 अगस्त को राजकीय मेडिकल कॉलेज हरिद्वार में बड़े स्तर पर वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
यह इस वर्ष चलाए जा रहे वृक्षारोपण अभियान की श्रृंखला का 92वां कार्यक्रम रहा।
गेंडीखाता में पूर्व कुलपति एवं प्रख्यात मर्म चिकित्सक डॉ. सुनील जोशी के सौजन्य से आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपे गए। इस दौरान स्थानीय लोगों को घरों में हरियाली बढ़ाने और फलदार वृक्ष लगाने के लिए पौधे भी वितरित किए गए। आयोजकों ने लोगों से पौधे लगाने के साथ-साथ उनकी नियमित देखभाल और संरक्षण करने की अपील की।
वहीं, 31 अगस्त को राजकीय मेडिकल कॉलेज हरिद्वार परिसर में वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान 200 से अधिक पौधे लगाए गए, जबकि आने वाले दिनों में कॉलेज परिसर में और पौधे लगाए जाने की योजना है। इस अभियान में कॉलेज की प्रधानाचार्य डॉ. पंकज सिंह के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया गया। कार्यक्रम की देखरेख ऊर्जावान डॉ. पल्लवी पांडे ने की।
वृक्षारोपण अभियान में हल्द्वानी से पहुंचे डॉ. जगदीश सती ने भी सहभागिता की। इसके अलावा हरिद्वार के समाजसेवी योगेश पांडे, नेत्र सर्जन डॉ. दिनेश सिंह, एमडी पैथोलॉजी डॉ. मुकेश मिश्रा, एनेस्थीसिया विभाग के डॉ. विजय विक्रम सिंह, प्रसिद्ध फिजीशियन डॉ. संजय साह और डीएवी पब्लिक स्कूल हरिद्वार के प्रधानाचार्य मनोज कपिल सहित कई लोगों ने पौधे रोपकर अभियान में सहयोग किया।
पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में लगातार सक्रिय डॉ. नवीन थपलियाल का विशेष रूप से आभार व्यक्त किया गया। बताया गया कि डॉ. नवीन थपलियाल पिछले कई वर्षों से पर्यावरण संरक्षण के कार्यों में लगातार सहयोग करते आ रहे हैं।
अभियान के अगले चरण में आगामी दो दिनों के दौरान ऋषिकुल आयुर्वेदिक कॉलेज हरिद्वार और बहादराबाद में भी इसी तरह के वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किए जाने की योजना है।
पेड़ लगाना ही नहीं, उनका संरक्षण भी जरूरी: डॉ. आशुतोष पन्त
पूर्व जिला आयुर्वेद अधिकारी एवं पर्यावरणविद डॉ. आशुतोष पन्त ने कहा कि धरती को आने वाली पीढ़ियों के लिए रहने योग्य बनाए रखना है तो अधिक से अधिक संख्या में पेड़ लगाने के साथ-साथ उनका संरक्षण भी सुनिश्चित करना होगा। पेड़ पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वृक्ष वर्षा चक्र, जल संरक्षण, ऑक्सीजन उत्पादन और तापमान नियंत्रण में अहम योगदान देते हैं।
उन्होंने कहा कि हरियाली केवल पर्यावरण की सुंदरता नहीं, बल्कि जीवन का आधार है। यदि पेड़ों और हरियाली का संरक्षण नहीं किया गया तो आने वाले समय में मानव जीवन के सामने गंभीर चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को अपने स्तर पर कम से कम एक पौधा लगाने और उसे पेड़ बनने तक उसकी देखभाल करने का संकल्प लेना चाहिए।
डॉ. आशुतोष पन्त ने कहा कि पौधरोपण को केवल अभियान तक सीमित न रखकर इसे जनआंदोलन बनाना होगा। तभी पर्यावरण संरक्षण की दिशा में वास्तविक और स्थायी बदलाव लाया जा सकेगा।










